
पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग का आपस में विलय होने के संकेत
शासकीय विशेष विद्यालयों में स्थायी नियुक्ति तक संविदा के आधार पर अध्यापकों को रखा जाए – नरेन्द्र कश्यप
आगामी विश्व प्र्यावरण दिवस पर ‘एक पेड़ माँ के नाम’ से अवश्य लगाए
पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री
उ0प्र0 सरकार के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री श्री नरेन्द्र कश्यप (स्वतंत्र प्रभार) की अध्यक्षता में आज विधान सभा स्थित कार्यालय में विभागीय योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। श्री कश्यप जी ने कहा कि पिछड़े वर्गों तथा दिव्यांगजनों के कल्याण हेेतु सरकार के पास पर्याप्त धन उपलब्ध और उसके उचित प्रयोग के लिए शासन स्तर पर कार्यवाही प्रगति पर। उन्होंने कहा कि आगामी 05 जून को ‘विश्व पर्यावरण दिवस‘ के अवसर पर प्रत्येक ज़िला विभागीय स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया जाए और इसमें सभी की सहभागिता को सुनिश्चित करने के लिए एक नोडल अधिकारी नामित किया जाए।
मा0 मंत्री जी ने शासकीय विशेष विद्यालयों में अध्यापकों की कमी को गंभीरता से लेते हुऐ कहा कि अध्यापकों के आभाव में विद्यालय का अस्तित्व अर्थविहीन है और शासकीय धन की बर्बादी है। अध्यापकों की स्थायी नियुक्ति तक संविदा के आधार पर अध्यापकों को रखा जाए और पढ़ाई-लिखाई शुरू की जाए।
‘एक पेड़ माँ के नाम’ से उ0प्र0 के शासकीय विशेष विद्यालयों यथा: संकेत, स्पर्श, ममता एवं प्रयास में भी योजनाबद्ध ढंग से वृहद स्तर पर वृ़क्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया जाए और इस कार्य हेतु किसी को नोडल अधिकारी नामित किया जाए। इसी के साथ विश्व योग दिवस को भी वृहद रूप से मनाने की बात कही।
समस्त विभागीय योजनाओं की अद्यतन् प्रगति से मा0 मंत्री जी को अवगत कराते हुऐ पिछड़ा वर्ग कल्याण के प्रमुख सचिव श्री राजेश कुमार सिंह ने दोनों विभागों पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण को आपस में विलय करने की बात कही और विभाग की अपनी अलग वेबसाइट भी बनवाने पर बल दिया ताकि विभागीय योजनाओं के लाभार्थियों को ससमय योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा सके। वर्तमान में यह दोनों विभाग, समाज कल्याण के अन्तर्गत कार्य करते हैं, जिस पर मंत्री जी ने विचारोपरान्त निर्णय लेने का आश्वासन दिया।
मा0 मंत्री जी ने कहा कि आधुनिक युग के दौर में पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग नाम से ही पिछड़ा और दिव्यांग है लेकिन हमारे प्रयासों से विभाग की अधिकतर योजनाओं की प्रगति शत-प्रतिशत हुई है। उन्होनें बताया कि छात्रवृत्ति की धनराशि 2250/- से बढ़ा कर 3000/- करने के साथ ही वार्षिक आय 01 लाख से बढ़ाकर 2.5 लाख करने पर सरकार विचार कर रही है।
श्री नरेन्द्र कश्यप ने राष्ट्रीय स्तर के समारोह द्वारा समाज में जागरूकता एवं विभागीय योजनाओं का प्रचार-प्रसार हेतु एक अभिनव पहल करने की बात कही। इस समारोह में बुकलेट, वर्क शाॅप, कृत्रिम अंगों की प्रदर्शनी के साथ ही आॅनलाईन पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध करायी जायेगी। उ0प्र0 की सरकार समाज के पिछड़ा वर्ग एवं दिव्यांगजन हेतु विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है ताकि वह विकास की मुख्यधारा में सम्मिलित हो सकें।
मा0 प्रधानमंत्री जी की अपील पर श्री कश्यप जी ने प्रमुख सचिव एवं निदेशक महोदय को निर्देश दिये कि ज़िले के अधिकारियों के साथ साप्ताहिक वर्चुली संवाद स्थापित करे और उसका लिंक उन्हें भी उपलब्ध कराएं ताकि वह स्वयं भी इस वर्चुअली संवाद से जुड़ सकें।
बैठक में पिछड़ा वर्ग कल्याण के प्रमुख सचिव श्री राजेश कुमार सिंह ने मंत्री जी को विभाग की अद्यतन प्रगति से अवगत कराया और उनसे प्राप्त दिशा-निर्देशों को अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किए जाने हेतु आश्वस्त किया।
बैठक में प्रमुख सचिव श्री राजेश कुमार सिंह, पिछड़ा वर्ग कल्याण, निदेशक श्री उमेश प्रताप सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहें।








