
साइबर ठगी पर बड़ा प्रहार: यूपी पुलिस ने शुरू किया अत्याधुनिक CFMC और 1930 हेल्पलाइन का नया केंद्र
लखनऊ। साइबर वित्तीय धोखाधड़ी पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं के अनुरूप पुलिस मुख्यालय के निर्देशन में रविवार को कल्ली पश्चिम स्थित पुलिस लाइन, लखनऊ में साइबर फ्रॉड मिटिगेशन सेंटर (CFMC) तथा 1930 साइबर अपराध हेल्पलाइन के स्टैंडअलोन 2.0 केंद्र का शुभारंभ किया गया।

इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा ने डीजी साइबर क्राइम बी के सिंह की उपस्थिति में नवीन केंद्र का उद्घाटन किया। वहीं भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक पंकज कुमार ने साइबर फ्रॉड मिटिगेशन सेंटर का उद्घाटन किया।

कार्यक्रम में बैंकिंग क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया, जिनमें नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक पंकज कुमार तथा बैंक ऑफ बड़ौदा के महाप्रबंधक एवं एसएलबीसी संयोजक शैलेन्द्र कुमार सिंह शामिल रहे।

अपने संबोधन में डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि लगभग 10 माह पूर्व साइबर मुख्यालय में 30-सीटर साइबर कॉल सेंटर और CFMC की प्रारंभिक इकाई स्थापित की गई थी। अब बढ़ती शिकायतों को देखते हुए अतिरिक्त 30-सीटर कॉल सेंटर और पूर्ण विकसित CFMC की स्थापना की गई है।
उन्होंने कहा कि साइबर ठगी के मामलों में समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। नया CFMC साइबर अपराध से संबंधित धनराशि को तेजी से फ्रीज कराने, लियन राशि बढ़ाने तथा पीड़ितों की रकम सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे साइबर अपराधियों के आर्थिक नेटवर्क पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।
डीजीपी ने प्रदेशवासियों से अपील की कि साइबर ठगी होने पर केवल “गोल्डन ऑवर” ही नहीं बल्कि “गोल्डन मिनट्स” भी अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे मामलों में तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर सूचना देकर आर्थिक नुकसान को कम किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस साइबर अपराध की रोकथाम, नियंत्रण और नई तकनीकी चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। साथ ही CFMC और विस्तारित साइबर कॉल सेंटर की स्थापना में साइबर क्राइम मुख्यालय, RBI तथा विभिन्न बैंकिंग संस्थानों के सहयोग की सराहना करते हुए इसे प्रदेश के नागरिकों को साइबर ठगी से बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।







