
ब्रिक्स बैठक में बोला भारत- आतंकवाद-मुक्त दुनिया के लिए सहयोग बढ़ाना जरूरी
नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने 21 मई को यहां 11वीं वार्षिक ब्रिक्स आतंकवाद-रोधी कार्य समूह (सीटीडब्ल्यूजी) की बैठक में मुख्य भाषण दिया। अपने संबोधन में उन्होंने सीमा पार आतंकवाद के खतरे पर कड़ी चिंता व्यक्त की और आतंकवादियों को पनाह देने वालों को जवाबदेह ठहराने की पुरजोर वकालत की। उन्होंने आतंकवाद-मुक्त दुनिया के लिए सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।

इस दौरान जॉर्ज ने आतंकी संगठनों द्वारा नई और उभरती प्रौद्योगिकियों के दुरुपयोग, कट्टरपंथ को बढ़ावा देने और आतंक के वित्तपोषण के बदलते तरीकों से निपटने के लिए एक मजबूत सहयोगात्मक दृष्टिकोण की आवश्यकता जताई। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से मौजूदा वैश्विक आतंकवाद-रोधी ढांचे को सक्रिय और निरंतर प्रयासों से सुदृढ़ करने की वकालत की।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बैठक की जानकारी देते हुए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा ब्रिक्स-सीटीडब्ल्यूजी में सचिव (पश्चिम) ने सीमा-पार आतंकवाद पर भारत की चिंताओं को उजागर किया और आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों, जिसमें सीमा-पार आतंकवाद भी शामिल है, से निपटने के लिए समन्वित और एकजुट प्रयासों का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने उन लोगों को जवाबदेह ठहराने की बात कही, जो आतंकवाद को पनाह देते हैं, उसका पोषण करते हैं और उसे समर्थन देते हैं।
जायसवाल ने कहा उन्होंने सक्रिय, व्यापक और निरंतर वैश्विक प्रयासों तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से मौजूदा वैश्विक आतंकवाद-रोधी ढांचे को मजबूत करने का आह्वान किया। ब्रिक्स सीटीडब्ल्यूजी को और अधिक लचीला, भविष्य के लिए तैयार, अभिनव, समावेशी और परिणाम-उन्मुख बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने एक सुरक्षित और आतंकवाद-मुक्त दुनिया के लिए ब्रिक्स सदस्य देशों के साथ सहयोग को और गहरा करने की भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।








