
केरल की राजनीति में पिछले 10 दिनों से चल रहा सबसे बड़ा सस्पेंस आखिरकार खत्म हो गया। कांग्रेस की अगुवाई वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने 10 साल बाद सत्ता में वापसी करते हुए वरिष्ठ नेता वीडी सतीशन को राज्य का नया मुख्यमंत्री घोषित कर दिया है। मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर कई दिनों से दिल्ली से लेकर तिरुवनंतपुरम तक बैठकों और मंथन का दौर जारी था, जिसके बाद कांग्रेस हाईकमान ने सतीशन के नाम पर अंतिम मुहर लगा दी।
बताया जा रहा है कि राहुल गांधी ने पूरी प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने केरल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और संभावित दावेदारों से लगातार बातचीत की। बुधवार रात राहुल गांधी ने सोनिया गांधी से मुलाकात कर राजनीतिक स्थिति की जानकारी दी थी, जिसके बाद गुरुवार सुबह केसी वेणुगोपाल के साथ हुई बैठक में फैसले के संकेत साफ हो गए थे। बाद में कांग्रेस विधायक दल की बैठक में औपचारिक रूप से वीडी सतीशन के नाम की घोषणा कर दी गई।
दिल्ली में देर रात तक चली बैठकों के बाद कांग्रेस ने पर्यवेक्षक अजय माकन और मुकुल वासनिक को केरल भेजा था। राज्य प्रभारी दीपा दास मुंशी भी पूरी प्रक्रिया में शामिल रहीं। मुख्यमंत्री पद की दौड़ में केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला के नाम भी चर्चा में थे, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने आखिरकार सतीशन पर भरोसा जताया।
कांग्रेस के भीतर वीडी सतीशन को आक्रामक और मजबूत संगठनात्मक पकड़ वाले नेता के तौर पर देखा जाता है। विपक्ष के नेता रहते हुए उन्होंने वाम मोर्चा सरकार को कई मुद्दों पर घेरा था। पार्टी को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में सरकार और संगठन दोनों को नई मजबूती मिलेगी।
10 साल बाद सत्ता में लौटी कांग्रेस अब जल्द ही नए मंत्रिमंडल के गठन की तैयारी में जुट गई है। तिरुवनंतपुरम में सतीशन के नाम के ऐलान के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है।






