
नई दिल्ली। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को कहा कि भारत के पास पर्याप्त ईंधन भंडार है और आम जनता को ईंधन की कमी को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि देश के पास 60 दिन का कच्चा तेल, 60 दिन की LNG और 45 दिन की LPG का स्टॉक मौजूद है। दिल्ली में आयोजित CII एनुअल बिजनेस समिट में पुरी ने कहा कि सप्लाई के मामले में कोई दिक्कत नहीं है और पीएम मोदी की हालिया बचत अपील को गलत अर्थ में न लिया जाए।
पुरी ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री मोदी लगातार देशवासियों से ऊर्जा और संसाधनों के उपयोग में सावधानी बरतने की अपील कर रहे हैं। उन्होंने कहा, जहां संभव हो, पेट्रोल-डीजल का उपयोग कम करें, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, मेट्रो और इलेक्ट्रिक बसों का इस्तेमाल करें और अनावश्यक विदेशी यात्राओं से बचें।
तेल कंपनियों को भारी नुकसान
समिट में पुरी ने कहा कि हालिया पश्चिम एशिया संकट के कारण ऊर्जा आपूर्ति में बाधाएं आई हैं, लेकिन सरकार ने इसे आम जनता पर असर डालने नहीं दिया। उन्होंने बताया कि तेल कंपनियों को रोजाना 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है और कुल घाटा 1,98,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। तिमाही के आंकड़ों को देखें तो अब तक कुल नुकसान लगभग 1 लाख करोड़ रुपये का है।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें पहले लगभग $64-$65 प्रति बैरल थीं, जो अब बढ़कर $115 प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। इसके बावजूद देश में सप्लाई बाधित नहीं हुई।
LPG उत्पादन में बड़ा उछाल
पुरी ने बताया कि भारत में होर्मुज स्ट्रेट मार्ग से कुल तेल का 20% और LPG का लगभग 60% आता है। होर्मुज मार्ग बंद होने के बावजूद घरेलू उत्पादन बढ़ाकर कच्चे तेल और LPG की कमी पूरी की गई। घरेलू LPG उत्पादन पहले रोजाना 36,000 मीट्रिक टन था, जिसे बढ़ाकर 54,000 मीट्रिक टन किया गया।
बचत की अपील का मकसद
पुरी ने कहा कि प्रधानमंत्री की ऊर्जा बचत अपील का मकसद तेल की कमी नहीं बल्कि डॉलर की बचत है। भारत अपनी जरूरत का 88% कच्चा तेल विदेश से आयात करता है और अंतरराष्ट्रीय संकट के कारण तेल महंगा होने से देश का विदेशी मुद्रा भंडार घट रहा है।
रोजाना खपत और खर्च
भारत में रोजाना लगभग 50 लाख बैरल कच्चे तेल की खपत होती है। जंग से पहले रोजाना खर्च $33 करोड़ (करीब 3,141 करोड़ रुपये) था, जो अब बढ़कर $50 करोड़ (करीब 4,760 करोड़ रुपये) हो गया है। यानी रोजाना 1,619 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च हो रहे हैं।
क्या पेट्रोल-डीजल और LPG महंगे होंगे?
विशेषज्ञों के अनुसार तेल कंपनियों के घाटे को कम करने के लिए 15 मई के आसपास पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 4 से 5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी संभव है। वहीं, LPG सिलेंडर के दाम भी लगभग 50 रुपये तक बढ़ सकते हैं।
पुरी ने जनता को आश्वस्त किया कि फिलहाल ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और अफरा-तफरी फैलाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि पीएम की बातों को ध्यान से सुनें और गलत अर्थ न निकालें।



