
चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा में मुख्यमंत्री विजय की सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) सरकार ने शुक्रवार को फ्लोर टेस्ट में जीत दर्ज की। विश्वास प्रस्ताव में TVK के समर्थन में 144 वोट पड़े, जिसमें AIADMK के बागी विधायकों के वोट भी शामिल थे। विपक्ष के पक्ष में केवल 22 वोट पड़े। वोटिंग के दौरान 5 विधायक अनुपस्थित रहे।
विपक्ष के नेता उदय निधि स्टालिन ने AIADMK के बागी विधायकों से मुख्यमंत्री विजय की मुलाकात पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “क्या यह बदलाव है या सौदेबाजी? क्या यही आपकी साफ-सुथरी सरकार है? TVK सरकार को इंस्टाग्राम Reel के जरिए नहीं बल्कि Real गवर्नेंस करनी चाहिए।”
इस पर मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि उनकी सरकार सेक्युलर तरीके से और घोड़े की रफ्तार से काम करेगी और हॉर्स ट्रेडिंग में शामिल नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि पिछली सरकार की सभी योजनाओं को उनकी सरकार जारी रखेगी। विश्वास प्रस्ताव के दौरान DMK ने सदन का वॉकआउट कर दिया।
चेन्नई में बीजेपी नेता विनोज पी सेल्वम ने कहा कि TVK को जनता से अच्छी संख्या में सीटें मिली हैं, जिसे एक तरह का जनादेश माना जा सकता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यह जनादेश यह तय नहीं करता कि विजय अगले पांच साल तक मुख्यमंत्री बने रहेंगे और राज्य का नेतृत्व करेंगे।
सेल्वम ने चिंता जताते हुए कहा कि विजय ने अब उन पार्टियों से हाथ मिला लिया है, जिनका वह पहले विरोध करते थे, खासकर तब जब उन्होंने खुद को वंशवाद के खिलाफ बताया था। उन्होंने सुझाव दिया कि विजय को थोड़ा समय लेकर हालात का आकलन करना चाहिए और जनता से किए गए वादों को पूरा करना चाहिए। इसके बाद ही तमिलनाडु में TVK के भविष्य का सही आकलन किया जा सकेगा।
इस फ्लोर टेस्ट के परिणाम के साथ ही AIADMK में फूट भी सामने आई है, और राज्य की राजनीतिक परिदृश्य में नया समीकरण बन गया है। जनता और राजनीतिक विशेषज्ञ अब यह देख रहे हैं कि TVK सरकार अपने जनादेश और वादों को कितनी गंभीरता से लागू करती है।




