
पश्चिम बंगाल की 293 विधानसभा सीटों पर जारी मतगणना के शुरुआती रुझानों ने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव संकेतित किया है। एक सीट फालता पर 21 मई को पुनर्मतदान होना है, जबकि बाकी सीटों पर गिनती जारी है। ताजा आंकड़ों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी 200 से ज्यादा सीटों पर बढ़त के साथ स्पष्ट बहुमत की ओर बढ़ती दिख रही है, जबकि ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस 82 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है। वोट शेयर की बात करें तो भाजपा को लगभग 45% और टीएमसी को 42% वोट मिलते दिखाई दे रहे हैं, जो कड़े मुकाबले का संकेत देता है।
मतगणना के दौरान राज्य के कई हिस्सों में हिंसा और झड़प की घटनाएं भी सामने आई हैं। आसनसोल में टीएमसी कार्यालय में तोड़फोड़ की गई, जबकि जमुरिया में आगजनी की घटना हुई। कूच बिहार में हालात काबू करने के लिए सुरक्षाबलों को लाठीचार्ज करना पड़ा। राजनीतिक तनाव के बीच भवानीपुर सीट से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आगे चल रही हैं, जबकि सुवेंदु अधिकारी पीछे हैं।
इन रुझानों के साथ भाजपा पहली बार पश्चिम बंगाल में सरकार बनाने की स्थिति में दिखाई दे रही है। पार्टी का वोट शेयर 2021 के मुकाबले करीब 6% बढ़ा है और सीटों में भी लगभग 117 की बढ़ोतरी दर्ज होती दिख रही है। ऐतिहासिक रूप से देखें तो श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा स्थापित जनसंघ से शुरू हुई यह यात्रा अब भाजपा को राज्य की सत्ता के करीब ले आई है।
कोलकाता में भाजपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी मुख्यालय पर जश्न मनाना शुरू कर दिया है। पारंपरिक बंगाली स्नैक ‘झालमुड़ी’ के साथ जीत का उत्साह मनाया जा रहा है। हालांकि अंतिम नतीजों का इंतजार अभी बाकी है, लेकिन मौजूदा रुझान राज्य की राजनीति में एक बड़े बदलाव की ओर इशारा कर रहे हैं।






