
देश के चार राज्यों असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी की विधानसभा सीटों पर जारी मतगणना ने भारतीय राजनीति में नए संकेत दिए हैं। ताजा रुझानों में तमिलनाडु सबसे ज्यादा चर्चा में है, जहां अभिनेता विजय की दो साल पुरानी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) ने बड़ा उलटफेर करते हुए 234 में से 109 सीटों पर बढ़त बना ली है। वहीं सत्ताधारी द्रविड़ मुनेत्र कषगम तीसरे स्थान पर खिसक गई है और केवल 48 सीटों पर आगे है। मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन अपनी कोलाथुर सीट से पिछड़ते नजर आ रहे हैं। अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम 59 सीटों पर बढ़त के साथ दूसरे स्थान पर है।
केरल में 10 साल बाद यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट की वापसी के संकेत मिल रहे हैं। 140 सीटों में से UDF 100 सीटों पर आगे है, जिसमें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 61 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है और 6 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है। वहीं लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट 35 सीटों पर सिमटा हुआ है। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग भी 22 सीटों पर आगे चल रही है।
असम में हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर मजबूत स्थिति में है। 126 सीटों में से बीजेपी 97 पर बढ़त बनाए हुए है। वहीं बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट और अन्य सहयोगियों को भी सीमित सफलता मिली है।
पुडुचेरी में भी बीजेपी समर्थित सरकार बनती दिख रही है। 30 सीटों में से 10 के नतीजे आ चुके हैं, जिसमें मुख्यमंत्री एन. रंगास्वामी की पार्टी 7 सीटें जीत चुकी है, जबकि बीजेपी, कांग्रेस, डीएमके और एआईएडीएमके को एक-एक सीट मिली है।
इन रुझानों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाम करीब 7 बजे पार्टी मुख्यालय पहुंचकर कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। चुनाव परिणाम देश की राजनीति में नए समीकरणों की ओर इशारा कर रहे हैं।







