
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता रहे कल्याण सिंह की जयंती पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर सीएम योगी ने कहा कि कल्याण सिंह ने रामजन्मभूमि आंदोलन के लिए सत्ता का भी त्याग करने में संकोच नहीं किया और उन्होंने अपने जीवन में राष्ट्रहित व धर्मनिष्ठा को हमेशा सर्वोपरि रखा।
मुख्यमंत्री योगी ने सोशल मीडिया और कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए कहा कि कल्याण सिंह का जीवन संघर्ष, साहस और सिद्धांतों की मिसाल है। उन्होंने कहा कि जब देश और समाज के लिए कठिन समय आया, तब कल्याण सिंह ने पद और सत्ता से ऊपर उठकर अपने मूल्यों को चुना। यही कारण है कि वे करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणास्रोत बने।
सीएम योगी ने कहा कि रामजन्मभूमि आंदोलन के दौरान कल्याण सिंह ने कानून-व्यवस्था और संविधान की मर्यादा के भीतर रहकर ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि आस्था और संस्कृति की रक्षा के लिए लिया गया उनका निर्णय भारतीय राजनीति में साहसिक उदाहरण के रूप में याद किया जाता है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कल्याण सिंह ने न केवल उत्तर प्रदेश के विकास में योगदान दिया, बल्कि वंचित और पिछड़े समाज के उत्थान के लिए भी निरंतर कार्य किया। उनके नेतृत्व में प्रदेश ने सामाजिक न्याय और विकास की नई दिशा देखी। सीएम योगी के अनुसार, कल्याण सिंह का व्यक्तित्व सरल, दृढ़ और जनसेवा के प्रति समर्पित था।
इस मौके पर भाजपा के वरिष्ठ नेता, मंत्रीगण और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। सभी ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया। पार्टी नेताओं ने कहा कि कल्याण सिंह का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक है और उनके सिद्धांतों पर चलकर ही मजबूत और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण संभव है।
मुख्यमंत्री योगी ने अंत में कहा कि प्रदेश सरकार कल्याण सिंह के आदर्शों और विचारों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आह्वान किया कि समाज के सभी वर्ग उनके जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्रनिर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।








