
उत्तरकाशी धराली में कल हुई भीषड़ तबाही का वो मंजर जो हर तरफ चर्चा का विषय बना हुआ है.. जो केवल 58 सेकेंड में ही 4 से 5 लोगों की जान ले ली साथ ही कई लोग लापता हो गए. प्रशासन के मुताबिक दोपहर डेढ़ बजे खीरगंगा नदी के ऊपर बादल फट गया. जिसके कारण हाहाकार मच गया और मात्र चंद सेकंड के अंदर सैलाब के साथ लाखों टन मलबा धराली गांव पहुंच गया. और फिर हुआ क्या ? चारो तरफ सिर्फ और सिर्फ चीख- पुकार मच गई . लेकिन होता क्या, कुछ नहीं कुदरत का खतरनाक करिश्मा किसी के बस में नहीं था. गांव के अंदर कई मीटर मलबा जमा हो गया. कुछ मकान तो मलबे के ढेर में पूरी तरह दब गए, जिनका नामोनिशान मिट गया. वहीं जब मामले की खबर प्रशासन को मिली तब तक काफी देर हो चुका था. जब तक प्रशासन आता और राहत-बचाव कार्य में लगता तब तक कुदरत अपना काम कर चुकी थी.
किसी को संभलने तक का मौका ना मिला
धराली में तबाही का मंजर कुछ ऐसा था की पलक झपकते ही सबकुछ खत्म हो गया..धराली में बादल फटने से आई तबाही का मंजर वाकई भयानक था,कुछ ही पलों में, जो पूरा गांव खुशी में तब्दील था, अब उस गांव में पानी और कुछ पेड़- पौधों के अलावा कुछ नहीं बचा. सब कुछ खत्म हो चुका था. इस PNG वीडियो को देखकर आप खुद ही इस तबाही का अंदाजा लगा सकते है.

भागो भाई भागो, भयंकर फटेगी, अरे भाई, भयंकर तबाही
गांव की तरफ़ मलबा आता देख वहां चीख़ पुकार मच गई, क्योंकि ऐसा लगा जैसे वहां कीचड़ और मलबे से लबालब कोई बांध फट पड़ा हो.रास्ते में जो कुछ भी आया वो बह गया. क्या होटल, क्या गेस्टहाउस, क्या घर.. सब के सब बहा ले गया. फोटेज में साफ तौर से देख सकते है कि… लोग बुरी तरह चीखते चिल्लाते दिख रहे हैं, क्योंकि पहाड़ से नीचे आया सैलाब जब वहां बने मकानों से टकराया तो रूह कंपा देने वाला मंज़र दिखाई दिया. अफ़रातफ़री के बीच एक मकान में मौजूद कुछ महिलाएं अपने रिश्तेदारों को अलर्ट करने के लिए चीख़ती चिल्लाती दिखीं. अरे फोन कर, अरे फोन कर ले, पागल फोन कर, अरे बाबा.. देखने वाले चिल्ला रहे थे. खीर गंगा नदी से होता हुआ पहाड़ी से आया सैलाब पलक झपकते ही भागीरथी नदी में जा मिला, लेकिन इस दौरान उसने वहां प्रलय मचा दिया.
चारों तरफ बस तबाही के निशान
उत्तराखंड के लगभग सभी नाले उफान पर है. जहां एक धरावी गांव में अब तक चारों और तबाही के निशान दिखाई दे रहा हैं... बादल फटने से धराली गांव में कुदरत का ऐसा कहर बरपा कि पूरे देश में हाहाकार मच गया. पहाड़ी से खीरगंगा नदी के रास्ते नीचे आए मलबे ने गांव को दो हिस्सों में चीरकर रख दिया. गांव के ज़्यादातर मकान लाखों टन मलबे, या ये कहें कि मलबे के पहाड़ के नीचे दब गए हैं.
विनाश का एक ऐसा दृश्य, जो हिलाकर रख दिया
खीरगंगा नदी के ऊपर बादल फटने के बाद नदी में आए सैलाब और मलबे ने धराली गांव का मानो वजूद ही ख़त्म कर दिया. आसमान से बरसे कुदरत के इस क़हर को देखकर लोग सहम गए, क्योंकि खीरगंगा नदी में पहाड़ से आए बेहिसाब पानी और मलबे ने वहां कोहराम मचा दिया. धराली गांव में आई. इस आपदा को देखकर आसपास रहने वाले लोग बुरी तरह कांप गए. पहाड़ी के ऊपर मौजूद लोगों ने क़ुदरत के इस कहर को अपने मोबाइल फ़ोन में क़द कर लिया, लेकिन इस दौरान धराली गांव में मची तबाही ने उन्हें अंदर तक हिला कर रख दिया. लोगों के मुताबिक़ धराली गांव में इससे पहले ऐसी आपदा कभी नहीं आई. लोगों ने आशंका जताई की इस भयानक आपदा में गांव में मौजूद कई लोगों की मौत हो गई, क्योंकि लोगों के मुताबिक़ पहाड़ से खीरगंगा नदी में सैलाब इतनी तेज़ी से उतरा की गांव में मौजूद लोगों को भागने तक का मौक़ा नहीं मिला. मतलब गांव में मौजूद लोग चाहकर भी वहां से भाग नहीं पाए. इसी वजह से आशंका जताई गई कि इस आपदा में बड़ी संख्या में लोग मलबे के नीचे दब गए.








