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असम के विशेष मुख्य सचिव महेंद्र कुमार यादव और पूर्व मुख्य सचिव पवन बोरठाकुर सहित वर्ष 1979-82 के कॉटन कॉलेज के छात्र समूह के पुनर्मिलन समारोह 

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असम के विशेष मुख्य सचिव महेंद्र कुमार यादव और पूर्व मुख्य सचिव पवन बोरठाकुर सहित वर्ष 1979-82 के कॉटन कॉलेज के छात्र समूह के पुनर्मिलन समारोह

असम के प्रमुख शैक्षणिक संस्थान कॉटन कॉलेज के 1979-82 (विज्ञान और कला दोनों धाराओं) के प्री-यूनिवर्सिटी (विज्ञान और कला दोनों धारा) समूह ने रविवार, 1 दिसंबर को गुवाहाटी के पास सोनापुर के ब्रह्मपुत्र जंगल रिज़ॉर्ट में अपना पहला पुनर्मिलन समारोह मनाया। रविवार को प्रदेश भर से 100 से अधिक प्रतिभागियों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। यह पुनर्मिलन समारोह भाषण, सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि आयोजित करके मनाया जाता है।

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उस दिन कार्यक्रम में खुले सत्र का उद्घाटन करते हुए, ब्रह्मपुत्र जंगल रिज़ॉर्ट के प्रबंध निदेशक त्रिदिब शर्मा ने कहा कि पुराने दोस्तों के साथ जुड़ना और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करना बहुत महत्वपूर्ण महसूस हुआ है और जिसके लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कार्यक्रम के संचालन में सहज प्रतिक्रिया के लिए प्रतिभागियों को धन्यवाद दिया। कॉटन कॉलेज के 1979 बैच के पूर्व छात्र तथा असम सरकार के सेवानिवृत्त मुख्य सचिव पवन बोरठाकुर ने उस दिन कॉलेज के अनुभव का वर्णन किया और बताया कि अतीत का कॉटन कॉलेज, वर्तमान कॉटन विश्वविद्यालय, पूरे पूर्वोत्तर में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता के संस्थान के रूप में खड़ा है। बोरठाकुर के अलावा, भारत सरकार के सेवानिवृत्त मुख्य आयकर अधिकारी शांतनु डेका (आईआरएस), सेवानिवृत्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक और अब असम सरकार के विशेष मुख्य सचिव (पर्यावरण और वन विभाग), एम.के. यादव (आईएफएस) ने भी भाषण देते हुए अपने छात्र दिनों की यादें ताजा कर दीं। इस अवसर पर प्रतिभागियों में देश के विभिन्न हिस्सों से आए अनिवासी भारतीय और पूर्व के छात्राएं शामिल थे। इसके अलावा, उस दिन के खुला सत्र उन लोगों के लिए एक गंभीर स्मरण और शोक प्रार्थना के साथ शुरू हुआ जो वर्तमान में दुनिया में नहीं हैं। खुले सत्र में प्रतिभागियों द्वारा कोरस, बिहू, आधुनिक गीतों का गायन शामिल था। सांस्कृतिक सत्र का मुख्य आकर्षण वर्ष 1979 के एक अन्य पूर्व छात्र प्रसिद्ध गायक अनिर्बान दास द्वारा गाया गया गजल और असमिया गीतों की प्रस्तुति थी। सांस्कृतिक कार्यक्रम का समापन प्रतिभागियों द्वारा गाए गए जातीय गान के साथ हुआ था । गौरतलब है कि असम आंदोलन में अहम भूमिका निभाने और असम का भाग्य बनाने वाले कॉटन कॉलेज के पी.यू 79-82 बैच की यह पहली रीयूनियन बैठक थी। पी.यू 1979-82 बैच की बैठक में बैचमेट्स के बीच के अपार बंधन को दर्शाया गया था, और इसके साथ ही बैच की बहुमुखी प्रतिभा भी परिलक्षित हुई। रविवार को पुनर्मिलन समारोह सफलतापूर्वक आयोजित हो गई । उस दिन 45 साल के अंतराल के बाद बैटस्मेट्स एक-दूसरे से मिलकर बहुत उत्साहित हुए और उसी दिन बैटस्मेट्स ने आने वाले समय में समाज और असम के विकास में सकारात्मक योगदान देने का संकल्प लिया ।

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