
नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने रामलीला मैदान में उमड़ी भीड़ और INDIA गठबंधन की एकजुटता का जिक्र करते हुए कहा कि आज रामलीला मैदान लोकतंत्र की ‘हल्दी घाटी’ बन चुका है। अखिलेश ने आरोप लगाया कि बीजेपी को अपनी हार का अहसास हो चुका है और अब वह इसका ठीकरा दूसरों पर फोड़ने की कोशिश कर रही है।
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से नाम काटे जाने का गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि प्रदेश में एक करोड़ 27 लाख वोट काटे गए हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग खुद को ‘अंगद का पैर’ बताते थे, वे आज समझ चुके हैं कि जब जनता के बीच जमीन ही नहीं बची तो पैर कहां रखेंगे? सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार चुनाव आयोग के माध्यम से साजिश रच रही है और अपनी संभावित हार देखकर बेईमानी के रास्ते अपना रही है।
चुनाव आयोग को सबूत देने का किया दावा
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने चुनाव आयोग को बाकायदा हलफनामा देकर मतदाता सूची में गड़बड़ियों के सबूत सौंपे थे। उन्होंने दावा किया कि 2019 के मुकाबले 2022 के चुनाव में बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम काटे गए, लेकिन आयोग की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि INDIA गठबंधन के लोग किसी भी कीमत पर हार मानने वाले नहीं हैं। हमने बीजेपी की चोरियां और धांधलियां पकड़ ली हैं। अब जनता के सामने सच्चाई आ रही है और बीजेपी के अपने वोट भी कटने लगे हैं।
रामपुर उपचुनाव का जिक्र कर लगाए आरोप
सपा अध्यक्ष ने रामपुर लोकसभा उपचुनाव का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वहां फोर्स लगाकर वोट लूटे गए और लोगों को अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने से रोका गया। उन्होंने कहा कि यह पूरा देश जानता है कि रामपुर में किस तरह चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया गया।
अखिलेश यादव ने बीजेपी पर धार्मिक भावनाओं के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए कहा कि राम के नाम पर चंदा चोरी और चढ़ावा चोरी करने वाले बचने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि रामजी के सामने ऐसे पापी किसी भी सूरत में बचने वाले नहीं हैं और उनका सर्वनाश तय है।
अखिलेश यादव के इस संबोधन के जरिए समाजवादी पार्टी ने वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों को उत्तर प्रदेश की राजनीति का बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश की। रामलीला मैदान से उन्होंने बीजेपी और चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक संघर्ष का संदेश दिया।









