
भारतीय कुश्ती के युवा सितारे अमन सहरावत ने एशियन गेम्स 2026 में इतिहास रच दिया है। अमन ने पुरुषों की 57 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती के फाइनल में नॉर्थ कोरिया के मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन हान चोंग सोंग को 11-7 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस जीत के साथ अमन इस वर्ग में एशियन गेम्स का गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय पहलवान बन गए।
फाइनल में पहले बढ़त, फिर पिछड़कर की शानदार वापसी
फाइनल मुकाबला अमन के लिए आसान नहीं रहा। उन्होंने शुरुआत में आक्रामक खेल दिखाते हुए 6-1 की बढ़त बनाई। हालांकि नॉर्थ कोरियाई वर्ल्ड चैंपियन ने जोरदार वापसी करते हुए स्कोर 7-6 कर दिया। मुकाबले के निर्णायक दौर में अमन ने शानदार दांव लगाते हुए चार अंक हासिल किए और फिर एक और अंक मिलने के बाद 11-7 की बढ़त बना ली। अंतिम क्षणों में उन्होंने बढ़त कायम रखते हुए ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
पिछली बार कांस्य, इस बार सोने पर कब्जा
अमन के लिए यह एशियन गेम्स में दूसरा पदक है। उन्होंने पिछले एशियन गेम्स में 57 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीता था। इस बार उन्होंने पदक का रंग बदलते हुए सीधे स्वर्ण पर कब्जा किया।
पेरिस ओलंपिक में भी जीता था कांस्य
अमन सहरावत पहले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं। 2024 पेरिस ओलंपिक में उन्होंने कांस्य पदक जीता था। अब एशियन गेम्स में गोल्ड जीतकर उन्होंने अपने पदकों के संग्रह में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ दी है।
संघर्षों से निकला चैंपियन
अमन की कहानी सिर्फ पदकों की नहीं, बल्कि संघर्ष और मेहनत की भी है। कम उम्र में माता-पिता को खोने के बाद उन्होंने कुश्ती को अपने जीवन का लक्ष्य बनाया। दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में प्रशिक्षण के दौरान कोच ललित कुमार ने उनकी प्रतिभा को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आगे चलकर अमन ने अंडर-23 विश्व चैंपियनशिप सहित कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी क्षमता साबित की।
57 किलो में भारत का ऐतिहासिक गोल्ड
अमन की इस जीत का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि पुरुषों की 57 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती में यह भारत का एशियन गेम्स का पहला स्वर्ण पदक है। वर्ल्ड चैंपियन को हराकर हासिल किया गया यह गोल्ड अमन के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गया है।







