
आंध्र प्रदेश में आयोजित स्वर्ण भारत ट्रस्ट के सिल्वर जुबली समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश के अलग-अलग राज्यों की अपनी पहचान और परिस्थितियां भले ही अलग हों, लेकिन विकसित भारत के निर्माण को लेकर सभी की सोच और संकल्प एक है। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए मुख्यमंत्री ने स्वर्ण भारत ट्रस्ट के सामाजिक योगदान की सराहना करते हुए इसके 25 वर्षों के सफर को जनसेवा और ग्रामीण उत्थान के लिए महत्वपूर्ण बताया।
सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2001 में स्थापित स्वर्ण भारत ट्रस्ट ने शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम किया है। उन्होंने पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू से मिली प्रेरणा का जिक्र करते हुए कहा कि जनसेवा और गांवों के विकास के लिए उनके कार्यों से उन्हें भी सीखने का अवसर मिला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव सिर्फ लोगों के रहने की जगह नहीं हैं, बल्कि वे उत्पादन, ज्ञान, कला और शिल्प के वास्तविक केंद्र हैं। देश के समग्र विकास के लिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में चल रही विकास योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार पारंपरिक हुनर और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ यानी ओडीओपी योजना चला रही है। इससे स्थानीय कारीगरों और ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।
योगी ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि श्रमिकों और गरीब परिवारों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिले। इसी उद्देश्य से उत्तर प्रदेश में अटल आवासीय विद्यालय स्थापित किए गए हैं, जहां श्रमिकों और वंचित वर्ग के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने पिछले 12 वर्षों के दौरान देश में आए सामाजिक और आर्थिक बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उज्ज्वला योजना ने करोड़ों महिलाओं को धुएं से राहत देकर रसोई को स्वच्छ और सुरक्षित बनाया है। वहीं जनधन योजना के जरिए करोड़ों परिवारों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़कर सीधे वित्तीय लाभ पहुंचाने का काम किया गया।
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश के प्रमुख निर्यातक राज्यों में तेजी से अपनी जगह बना रहा है। सरकार का लक्ष्य केवल विकास को शहरों तक सीमित रखना नहीं, बल्कि कल्याणकारी योजनाओं और सरकारी सेवाओं को उन लोगों तक पहुंचाना है, जिन्हें उनकी सबसे अधिक जरूरत है। उन्होंने कहा कि मजबूत गांव और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था ही विकसित भारत की नींव को मजबूत करेगी







