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नेपाल-तिब्बत बाढ़ में 682 मौतें, तीन हजार लोग अब भी लापता

नेपाल-चीन सीमा पर तबाही का मंजर
नेपाल-चीन सीमा पर तबाही का मंजर
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Written by
Rishabh Rai

नेपाल-तिब्बत सीमा से लगे इलाकों में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। बाढ़ और उससे पहले ग्लेशियर टूटने के कारण आई आपदा में मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 682 हो गया है, जबकि करीब तीन हजार लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में 287 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। आपदा के बाद नेपाल और चीन में राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। प्रभावित इलाकों में लापता लोगों की तलाश के साथ-साथ फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का काम किया जा रहा है।

इस बीच आपदा के तीन दिन बाद ग्लेशियर टूटने का एक खौफनाक वीडियो सामने आया है। तिब्बत में मौजूद एक टूर गाइड ग्रुप ने ऊंचाई से इस घटना को कैमरे में रिकॉर्ड किया था। वीडियो में बर्फ और चट्टानों से बना ग्लेशियर का करीब 800 मीटर लंबा हिस्सा अचानक टूटकर घाटी की ओर गिरता दिखाई दे रहा है। ग्लेशियर के टूटने के बाद बड़ी मात्रा में मलबा और पानी तेज गति से नीचे की ओर बहा। इसके साथ ही भूस्खलन हुआ और अचानक आई बाढ़ ने नेपाल-तिब्बत सीमा से सटे कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी।

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बताया जा रहा है कि बाढ़ की चपेट में आने से कई घर, सड़कें और दूसरी बुनियादी सुविधाएं प्रभावित हुई हैं। कई इलाकों का संपर्क भी प्रभावित हुआ है। आपदा के बाद स्थानीय प्रशासन और बचाव एजेंसियां लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं। राहत कार्यों में मौसम और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां चुनौती बनी हुई हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने और लोगों को सुरक्षित निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।

इस प्राकृतिक आपदा ने नेपाल के सामने पुनर्निर्माण की बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। भारी नुकसान को देखते हुए देश के पुनर्निर्माण और पुनर्वास में अरबों डॉलर खर्च होने का अनुमान है। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने शनिवार को काठमांडू में कहा कि सरकार सबसे पहले बाढ़ से हुए जान-माल और बुनियादी ढांचे के नुकसान का विस्तृत आकलन करेगी। नुकसान का पूरा आंकड़ा सामने आने के बाद पुनर्निर्माण की योजना तैयार की जाएगी।

खनाल ने कहा कि तबाही का पैमाना काफी बड़ा है और नेपाल को प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सहयोग की आवश्यकता पड़ेगी। सरकार के सामने फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश, प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाना और जरूरी बुनियादी सुविधाओं को बहाल करना है।

बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हुए हैं। जिन लोगों के परिजन लापता हैं, वे लगातार उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए हुए हैं। नेपाल और चीन की एजेंसियां अपने-अपने क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान चला रही हैं। आने वाले दिनों में नुकसान का विस्तृत आकलन होने के बाद आपदा से हुई वास्तविक क्षति का अंदाजा लग सकेगा।

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