
योगी सरकार का बड़ा फैसला, हर महीने होगा कौशल समाधान दिवस
लखनऊ। प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण, रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने के लिए योगी सरकार ने कौशल विकास व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। मंगलवार को उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन मुख्यालय में आयोजित ‘कौशल समाधान दिवस’ में प्रशिक्षण प्रदाताओं (ट्रेनिंग पार्टनर्स) की समस्याएं सीधे सुनी गईं और उनके समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए गए।
व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल, प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम और मिशन निदेशक पुलकित खरे की मौजूदगी में हुई बैठक में लंबित भुगतान, ट्रेंच भुगतान, ड्रेस भुगतान, असेसमेंट, प्रमाण-पत्र, परफॉर्मेंस गारंटी, नामांकन, उपस्थिति, प्लेसमेंट, प्रशिक्षण गुणवत्ता और डिजिटल पोर्टल समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि कौशल विकास मिशन का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण और प्रमाण-पत्र की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि युवाओं को वास्तविक कौशल और रोजगार की क्षमता प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण कार्य करने वाले प्रशिक्षण साझेदारों की वैध समस्याओं और भुगतान का प्राथमिकता से समाधान होना चाहिए, जबकि अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
उन्होंने घोषणा की कि अब हर महीने के पहले सोमवार को ट्रेनिंग पार्टनर्स के साथ संवाद किया जाएगा। इससे प्रशिक्षण व्यवस्था से जुड़ी जमीनी समस्याओं की नियमित समीक्षा और उनके समाधान की प्रक्रिया तेज होगी।
प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम ने अधिकारियों को सभी समस्याओं की स्कीम-वाइज सूची तैयार करने के निर्देश दिए। इसमें समस्या कितने समय से लंबित है, अब तक क्या कार्रवाई हुई और आगे क्या किया जाना है, इसका स्पष्ट विवरण दर्ज होगा। उन्होंने कहा कि सत्यापन पूरा होने और रिकॉर्ड सही पाए जाने पर वैध भुगतान लंबित नहीं रखा जाना चाहिए। वहीं अनियमितता के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई के साथ संबंधित पक्ष को अपना स्पष्टीकरण देने का अवसर भी दिया जाए।
मिशन निदेशक पुलकित खरे ने कहा कि प्रशिक्षण प्रदाताओं की सभी समस्याओं को दर्ज किया गया है और अब उनका योजना-वार एवं प्रकरण-वार परीक्षण कर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
बैठक में असेसमेंट में देरी और प्रमाण-पत्र जारी करने से जुड़ी समस्याओं पर भी चर्चा हुई। पात्र युवाओं को समय से प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने के लिए असेसमेंट प्रक्रिया में तेजी लाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। राजकीय आईटीआई में कार्यरत प्रशिक्षकों का पैनल तैयार कर स्थानीय स्तर पर असेसमेंट कराने पर भी काम किया जा रहा है।
इसके अलावा स्टार्टअप प्रशिक्षण साझेदारों के लिए गारंटी राशि कम करने, प्लेसमेंट के बाद युवाओं के रोजगार में टिकाव तथा गुणवत्तापूर्ण प्लेसमेंट कराने वाले प्रशिक्षण साझेदारों को प्रोत्साहन देने जैसे प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि कौशल विकास का लक्ष्य केवल कागजों पर प्लेसमेंट दिखाना नहीं, बल्कि युवाओं को स्थायी और रोजगारपरक अवसर उपलब्ध कराना है। सरकार का जोर प्रशिक्षण की गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ युवाओं को कौशल, रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने पर है।









