
अयोध्या। राम मंदिर के दानपात्र से कथित गबन के आरोपों के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पहली बार रामलला को मिले चढ़ावे और आय का विस्तृत ब्यौरा सार्वजनिक किया है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने शनिवार को मीडिया के सामने वर्ष 2020 से 2024 तक मंदिर को प्राप्त दान और आय के आंकड़े साझा करते हुए कहा कि राम भक्तों की आस्था लगातार बढ़ रही है और इसका प्रमाण मंदिर को मिलने वाला योगदान है।
ट्रस्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2023-24 में राम मंदिर को नकद, ऑनलाइन, विदेशी दान और बैंक ब्याज सहित कुल 363 करोड़ 34 लाख रुपये प्राप्त हुए। इसमें मंदिर परिसर के आधिकारिक काउंटरों पर भक्तों द्वारा जमा कराए गए 53 करोड़ रुपये शामिल हैं। वहीं मंदिर परिसर में रखे गए दानपात्रों से 24 करोड़ 75 लाख रुपये की नकद राशि प्राप्त हुई।
डिजिटल माध्यमों से भी श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर योगदान दिया। यूपीआई, नेट बैंकिंग और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से ट्रस्ट के खातों में 71 करोड़ रुपये जमा हुए। विदेशों में रहने वाले राम भक्तों ने एफसीआरए के तहत लगभग 11 करोड़ रुपये का दान भेजा। हालांकि सबसे बड़ी आय बैंक में जमा राशि पर मिले ब्याज से हुई। ट्रस्ट को विभिन्न बैंकों से 204 करोड़ रुपये की शुद्ध आय केवल ब्याज के रूप में प्राप्त हुई।
चंपत राय ने बताया कि श्रद्धालुओं की आस्था केवल नकद दान तक सीमित नहीं रही। वर्ष 2020 से 2024 के बीच मंदिर को करीब 1300 किलोग्राम चांदी और 20 किलोग्राम सोना भी दान स्वरूप प्राप्त हुआ है। ट्रस्ट का कहना है कि सभी दानों का लेखा-जोखा पारदर्शी तरीके से रखा जाता है और समय-समय पर उसका ऑडिट भी कराया जाता है। ऐसे में दानपात्र से गबन के आरोपों के बीच जारी यह विवरण मंदिर की वित्तीय स्थिति की स्पष्ट तस्वीर प्रस्तुत करता है।








