
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में आंधी, बारिश और वज्रपात को लेकर चेतावनी जारी की है। मौसम केंद्र लखनऊ के अनुसार, 18 जून तक प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना बनी हुई है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, रविवार से सोमवार सुबह तक पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी और बारिश देखने को मिल सकती है। विशेष रूप से सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर और बलरामपुर में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ स्थानों पर आंधी की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इन क्षेत्रों में गरज के साथ बिजली गिरने का भी खतरा जताया गया है।
वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी मौसम का असर दिखाई देगा। अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, औरैया, जालौन, झांसी, ललितपुर, हमीरपुर और महोबा समेत आसपास के इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
मौसम विभाग ने प्रदेश के 32 से अधिक जिलों में गरज-चमक के साथ वज्रपात का अलर्ट भी जारी किया है। इनमें वाराणसी, गाजीपुर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, इटावा सहित कई जिले शामिल हैं। विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून पूर्व गतिविधियों और स्थानीय मौसमीय परिस्थितियों के चलते प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मौसम का यही मिजाज बना रह सकता है। ऐसे में किसानों, यात्रियों और आम नागरिकों को मौसम विभाग की सलाह का पालन करते हुए सतर्क रहने की जरूरत है।








