Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

यूपी चुनाव 2027 को लेकर AIMIM का बड़ा ऐलान, ओवैसी के बयानों से सियासी हलचल तेज

ओवैसी के बयानों से सियासी हलचल तेज
ओवैसी के बयानों से सियासी हलचल तेज
[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]
Author Image
Written by
Rishabh Rai

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने भी अपनी चुनावी रणनीति को लेकर बड़ा संकेत दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि AIMIM आगामी विधानसभा चुनाव पूरी ताकत और मजबूती के साथ लड़ेगी और प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की तैयारी में है।

वारिस पठान ने अपने बयान में कहा कि पार्टी ने जमीनी स्तर पर संगठन विस्तार और मजबूती की दिशा में तेजी से काम शुरू कर दिया है। कार्यकर्ता लगातार गांव-गांव और शहर-शहर जाकर जनता से संपर्क कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि AIMIM का लक्ष्य उत्तर प्रदेश में एक मजबूत राजनीतिक विकल्प के रूप में खुद को स्थापित करना है। पठान ने यह भी दावा किया कि आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। अपने बयान में उन्होंने कहा, “सीट बेल्ट बांध लीजिए, मौसम बदलने वाला है।”

Advertisement Box

इसी बीच पार्टी प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उत्तर प्रदेश दौरे ने भी राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। लखनऊ से बहराइच और मटेरा तक आयोजित जनसभाओं में उन्होंने जनता को संबोधित किया और विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी। पार्टी नेताओं का दावा है कि इन सभाओं में जनता की अच्छी भागीदारी देखने को मिली है, जिससे कार्यकर्ताओं का उत्साह और बढ़ा है।

बहराइच में आयोजित जनसभा के दौरान ओवैसी ने राज्य सरकार को बीफ एक्सपोर्ट और पशुधन नीति से जुड़े मुद्दों पर घेरा। उन्होंने कहा कि इस तरह के विषयों पर केवल राजनीतिक बयानबाजी के बजाय तथ्यों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए। ओवैसी ने यह भी कहा कि पशुपालन और पशुधन अर्थव्यवस्था कई राज्यों की आर्थिक व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं और इस पर पारदर्शिता तथा संवैधानिक मूल्यों के आधार पर बहस जरूरी है।

उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से भी प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि AIMIM का यूपी में सक्रिय होना और ओवैसी के लगातार दौरे 2027 के चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं।

फिलहाल पार्टी संगठन विस्तार और जनसंपर्क अभियान पर फोकस कर रही है, जबकि अन्य दल भी अपनी रणनीतियों को नए सिरे से तैयार करने में जुटे हुए हैं। आने वाले महीनों में उत्तर प्रदेश की राजनीति और अधिक दिलचस्प होने की संभावना है।

आज का राशिफल

वोट करें

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने अपने राहत कार्यक्रम की अगली किस्त जारी करने के लिए पाकिस्तान पर 11 नई शर्तें लगाई हैं। वैश्विक मंच पर क्या यह भारत की बड़ी जीत है?

और भी पढ़ें

WhatsApp