
मथुरा। विश्व प्रसिद्ध बांकेबिहारी मंदिर में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। मंदिर में दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़, भीषण गर्मी और उमस के बीच मध्य प्रदेश से आए एक श्रद्धालु की तबीयत अचानक बिगड़ गई। मंदिर की ओर जाने वाली गली में वह बेहोश होकर गिर पड़े। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और मंदिर क्षेत्र में भी शोक का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश के गुना जिले के ग्राम वमौरी निवासी 50 वर्षीय भरत सिंह लोधा अपने परिवार के साथ ठाकुर बांकेबिहारी जी के दर्शन करने वृंदावन पहुंचे थे। उनके साथ पत्नी राममूर्ति, मामा सुरेश लोधा और मामा के पुत्र राजेश लोधा भी मौजूद थे। परिवार दोपहर के समय मंदिर की ओर बढ़ रहा था, तभी यह दुखद घटना घटित हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शनिवार होने के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी। विद्यापीठ चौराहे से मंदिर तक जाने वाले मार्ग पर लंबी कतारें लगी हुई थीं। पुलिस बैरियरों पर भी लोगों का अत्यधिक दबाव था। तेज धूप और उमस भरे मौसम के कारण श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
बताया जा रहा है कि मंदिर की गली नंबर-3 में गेट संख्या-3 के पास पहुंचते ही भरत सिंह को अचानक चक्कर आने लगे। उनकी सांसें तेज चलने लगीं और कुछ ही क्षणों में वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। घटना को देख मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई।
मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों और निजी सुरक्षा गार्डों ने तत्काल उन्हें संभाला और एंबुलेंस की मदद से जिला संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया। हालांकि अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक तौर पर चिकित्सकों का अनुमान है कि अत्यधिक भीड़, दम घुटने की स्थिति या हीट स्ट्रोक के कारण उनकी मौत हुई हो सकती है। हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का पता चिकित्सकीय जांच के बाद ही चल सकेगा।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं इस हादसे ने एक बार फिर बांकेबिहारी मंदिर में बढ़ती भीड़, सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि त्योहारों और सप्ताहांत पर भीड़ नियंत्रण के लिए और प्रभावी व्यवस्था किए जाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं से बचा जा सके।







