
कर्नाटक की राजनीति में गुरुवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। जानकारी के अनुसार, वह दोपहर करीब 3 बजे लोकभवन पहुंचे और लगभग पांच मिनट के भीतर ही वहां से बाहर निकल गए। इस दौरान उनके साथ उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपना इस्तीफा राज्यपाल के सचिव को सौंपा। हालांकि, राज्यपाल थावरचंद गहलोत पारिवारिक कारणों के चलते बेंगलुरु से बाहर हैं, जिसके कारण औपचारिक प्रक्रियाएं उनके कार्यालय के माध्यम से पूरी की गईं। इस्तीफा देने के बाद मुख्यमंत्री ने डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने अपने फैसले की जानकारी सार्वजनिक रूप से दी।
सिद्धारमैया ने कहा कि उन्होंने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया था कि जब भी पार्टी हाईकमान उनसे पद छोड़ने के लिए कहेगा, वह इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने बताया कि कल हाईकमान की ओर से उन्हें पद छोड़ने का संदेश मिला, जिसके बाद उन्होंने यह निर्णय लिया। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य को आगे बढ़ाने के लिए नए नेतृत्व को अवसर दिया जाना चाहिए और वह पार्टी के फैसले के साथ पूरी तरह खड़े हैं।
इससे पहले दिन में बेंगलुरु स्थित उनके आवास पर एक अहम ब्रेकफास्ट मीटिंग आयोजित की गई थी, जिसमें कई वरिष्ठ मंत्रियों ने हिस्सा लिया। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने अपने फैसले की जानकारी सभी सहयोगियों को दी। इसी बैठक के दौरान डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने भावुक होकर मुख्यमंत्री के पैर छुए, जिसके बाद सिद्धारमैया ने उन्हें गले लगाकर आशीर्वाद दिया।
रिपोर्टों के अनुसार, बैठक में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर सहमति बनी और डीके शिवकुमार के नाम पर संभावित रूप से अगले मुख्यमंत्री के रूप में चर्चा आगे बढ़ी। हालांकि, पार्टी की ओर से अंतिम औपचारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है। फिलहाल सिद्धारमैया ने कहा है कि वे राज्य और पार्टी के हित में पूरी तरह सहयोग करते रहेंगे और आगे भी कर्नाटक के विकास कार्यों में सक्रिय रहेंगे।






