

नई दिल्ली। रद्द होने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में NEET-UG परीक्षा में शामिल 22 लाख छात्रों के साथ धोखा हुआ है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “NEET के 22 लाख बच्चों के साथ धोखा हुआ है। मोदी जी एक शब्द भी क्यों नहीं बोल रहे? धर्मेंद्र प्रधान जी को तुरंत हटाइए, या जवाबदेही खुद लीजिए।” उन्होंने अंग्रेजी में भी लिखा, ‘Modi ji, SACK Dharmendra Pradhan ji NOW।’
उन्होंने इस मुद्दे पर छात्रों की कथित आत्महत्या का भी जिक्र किया। राहुल ने कहा कि उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के ऋतिक मिश्रा और गोवा के एक छात्र ने परीक्षा रद्द होने के बाद अपनी जान गंवाई। उन्होंने इसे “व्यवस्था द्वारा की गई हत्या” बताया और आरोप लगाया कि ये बच्चे परीक्षा से नहीं हारे, बल्कि भ्रष्ट तंत्र ने उन्हें तोड़ा।
राहुल गांधी ने पिछले सालों में देश में हुए परीक्षा घोटालों की स्थिति भी उजागर की। उनके अनुसार, 2015 से 2026 के बीच 148 परीक्षा घोटाले हुए, 87 परीक्षाएं रद्द हुईं और लगभग 9 करोड़ छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि इन घोटालों में कोई भी जिम्मेदार अधिकारी या मंत्री सजा नहीं पाया, जबकि कई मामलों में केवल जांच हुई।
राहुल गांधी का कहना है कि परीक्षा घोटालों में शामिल लोगों को संरक्षण मिलता है, जबकि मेहनत करने वाले छात्र मानसिक दबाव और जीवन संकट का सामना करते हैं। उनका कहना है, “चोरी कराने वालों को इनाम मिलता है, और परीक्षा देने वाले बच्चे अपनी जान गंवाते हैं।”
इस विवाद के बीच राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने घोषणा की है कि NEET-UG परीक्षा अब 21 जून को दोबारा आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा पहले 3 मई को हुई थी, लेकिन छात्रों और अभिभावकों की शिकायतों और कथित अनियमितताओं के आरोपों के बाद रद्द कर दी गई थी।
राहुल गांधी का हमला और परीक्षा की पुनर्निर्धारित तिथि यह दर्शाती है कि परीक्षा प्रणाली और सरकारी जवाबदेही पर सवाल उठ रहे हैं। अब छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा संस्थानों की निगाहें केंद्र सरकार की कार्रवाई और परीक्षा निष्पक्षता पर टिकी हैं।






