
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज्योतिष्पीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को बड़ी कानूनी राहत प्रदान की है। अदालत ने उनके खिलाफ दाखिल अवमानना याचिका को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि इस मामले में अवमानना का कोई आधार नहीं बनता।
यह मामला एक पॉक्सो केस में मिली अग्रिम जमानत की शर्तों के कथित उल्लंघन से जुड़ा था। याचिकाकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया था कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने जमानत की शर्तों का पालन नहीं किया और इसे अदालत की अवमानना बताते हुए कार्रवाई की मांग की थी।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल अग्रिम जमानत की शर्तों के उल्लंघन को सीधे तौर पर अवमानना का मामला नहीं माना जा सकता। अदालत ने कहा कि यदि याचिकाकर्ता को शर्तों के उल्लंघन का दावा है, तो वह जमानत रद्द कराने के लिए अलग से याचिका दाखिल कर सकता है।
इस फैसले के साथ ही फिलहाल स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही का रास्ता बंद हो गया है, जिससे उन्हें तात्कालिक राहत मिली है।



