
प्रधानमंत्री मोदी इन दिनों नीदरलैंड के आधिकारिक दौरे पर हैं। द हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने वैश्विक हालात, भारत की आर्थिक प्रगति और दोनों देशों के संबंधों पर विस्तार से बात की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज दुनिया कई गंभीर चुनौतियों से जूझ रही है। पहले कोरोना महामारी ने वैश्विक व्यवस्था को प्रभावित किया, फिर कई क्षेत्रों में चल रहे युद्धों ने अस्थिरता बढ़ाई और अब ऊर्जा संकट ने दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव बना दिया है। प्रधानमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते हालात नहीं संभाले गए तो यह दशक दुनिया के लिए कठिन साबित हो सकता है और इससे गरीबी बढ़ने का खतरा भी पैदा हो सकता है।
पीएम मोदी ने भारत की आर्थिक और तकनीकी प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है और देश में दो लाख से अधिक स्टार्टअप सक्रिय हैं। उन्होंने डिजिटल इंडिया की सफलता का जिक्र करते हुए बताया कि भारत में यूपीआई के माध्यम से हर साल अरबों डिजिटल ट्रांजेक्शन हो रहे हैं और देश वैश्विक डिजिटल भुगतान व्यवस्था में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में भारत की तेजी से बढ़ती क्षमता पर भी प्रकाश डाला और कहा कि देश में कई सेमीकंडक्टर परियोजनाओं पर काम चल रहा है, जिनमें कुछ उत्पादन चरण में भी पहुंच चुकी हैं।
भारत-नीदरलैंड संबंधों पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि नीदरलैंड यूरोप में भारतीय व्यवसायों के लिए एक ‘नैचुरल गेटवे’ की तरह काम कर सकता है और प्रवासी भारतीय दोनों देशों के बीच एक मजबूत सेतु हैं। उन्होंने दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए ट्यूलिप और कमल के उदाहरण से आपसी साझेदारी की सुंदर व्याख्या की।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में ‘झालमुड़ी’ का भी जिक्र किया, जिससे माहौल खुशनुमा हो गया। पीएम मोदी ने भारतीय लोकतंत्र, बढ़ते मतदान और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को भारत की मजबूती का प्रतीक बताया और प्रवासी भारतीयों की भूमिका की सराहना की।







