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गंगोत्री से गंगासागर तक कमल: PM का विपक्ष पर सियासी संदेश

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Written by
Rishabh Rai

तीन राज्यों में सरकार बनाने की ओर बढ़ती भारतीय जनता पार्टी के लिए यह चुनावी नतीजे राजनीतिक रूप से बेहद अहम माने जा रहे हैं। दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में जश्न के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए इसे देश के उज्ज्वल भविष्य का संकेत बताया।

मोदी ने कहा कि यह दिन केवल चुनावी जीत का नहीं, बल्कि जनता के भरोसे और लोकतंत्र की ताकत का प्रतीक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की जनता अब “परफॉर्मेंस आधारित राजनीति” को प्राथमिकता दे रही है। यही कारण है कि भाजपा को लगातार विभिन्न राज्यों में समर्थन मिल रहा है।

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प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि 1951 में जनसंघ की स्थापना के साथ जो विचारधारा शुरू हुई थी, वह आज भाजपा के रूप में देशभर में विस्तार पा रही है। पश्चिम बंगाल में पार्टी की सफलता को उन्होंने इस ऐतिहासिक यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।

मोदी ने पिछले कुछ वर्षों के चुनावी परिणामों का जिक्र करते हुए कहा कि हरियाणा में लगातार तीसरी बार जीत, महाराष्ट्र में मजबूत प्रदर्शन, दिल्ली और बिहार में सफलता—ये सभी संकेत हैं कि जनता भाजपा की नीतियों और कार्यशैली पर भरोसा कर रही है। उन्होंने गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में मिले रिकॉर्ड वोट शेयर को भी “गुड गवर्नेंस” का प्रमाण बताया।

पुडुचेरी में मिली सफलता पर उन्होंने कहा कि वहां के लोगों ने विकास और बेहतर भविष्य के विजन को स्वीकार किया है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं और मछुआरा समुदाय को आश्वस्त किया कि एनडीए सरकार उनके हितों के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा का मूल मंत्र “नागरिक देवो भव” है और पार्टी जनता की सेवा को ही सर्वोच्च मानती है। उन्होंने कहा कि आज देश के 20 से अधिक राज्यों में एनडीए की सरकारें हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि भाजपा का जनाधार लगातार मजबूत हो रहा है।

इन चुनावी नतीजों के साथ भाजपा ने न केवल राजनीतिक बढ़त हासिल की है, बल्कि यह भी संकेत दिया है कि आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति में उसका प्रभाव और अधिक बढ़ सकता है।

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