
नई दिल्ली। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था अभेद्य कर दी गई है। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों, प्रतिनिधिमंडलों और गणमान्य लोगों की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस ने बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया है। सम्मेलन के दौरान करीब 15 हजार पुलिसकर्मियों के साथ अर्धसैनिक बलों की 200 कंपनियां तैनात रहेंगी। पुलिस का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था इस तरह तैयार की गई है कि वीवीआईपी को अधिकतम सुरक्षा मिले और आम लोगों को कम से कम परेशानी हो।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को भारत मंडपम में आयोजित होगा। सम्मेलन में कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल होंगे। विदेशी मेहमानों की आवाजाही को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने एयरपोर्ट से लेकर होटलों और सम्मेलन स्थल तक सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, यातायात प्रतिबंध 10 सितंबर से लागू किए जाएंगे और जरूरत के मुताबिक 14 सितंबर तक जारी रह सकते हैं।
विशेष पुलिस आयुक्त (सुरक्षा प्रभाग) मनीष कुमार अग्रवाल ने बताया कि दिल्ली पुलिस सम्मेलन की सुरक्षा के लिए कई केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है। सभी चिन्हित मार्गों का विस्तृत सर्वेक्षण पहले ही पूरा किया जा चुका है। वीवीआईपी काफिलों की आवाजाही, कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए बड़े पैमाने पर पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।
भारत मंडपम में कई स्तर का सुरक्षा घेरा
ब्रिक्स सम्मेलन के मुख्य आयोजन स्थल भारत मंडपम में सुरक्षा के कई स्तर बनाए गए हैं। यहां आने-जाने वाले लोगों और वाहनों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र, निगरानी और सतर्कता के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियां किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहेंगी।
नई दिल्ली क्षेत्र में 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इनमें फेस रिकग्निशन सिस्टम और वाहन नंबर प्लेट पहचानने वाले कैमरे भी शामिल होंगे। सभी कैमरों को केंद्रीय निगरानी कक्ष से जोड़ा जाएगा, जहां से महत्वपूर्ण इलाकों पर लगातार नजर रखी जाएगी।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, खुफिया सूचनाओं का लगातार विश्लेषण किया जा रहा है। विभिन्न एजेंसियों से मिलने वाली जानकारी को साझा किया जाएगा और उसके आधार पर सुरक्षा व्यवस्था में जरूरी बदलाव किए जाएंगे। सम्मेलन के दौरान गणमान्य व्यक्तियों की गतिविधियों और आवाजाही पर लगातार नजर रखी जाएगी।
एयरपोर्ट से होटल तक कड़ी निगरानी
विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के ठहरने वाले होटलों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। एयरपोर्ट, होटल, भारत मंडपम और वीवीआईपी के संभावित कार्यक्रम स्थलों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात रहेंगे। प्रतिनिधिमंडलों के कार्यक्रम और आवाजाही के अनुसार सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा।




