
जयपुर। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता आशुतोष रांका और उनकी टीम पर जयपुर में हमला होने का मामला सामने आया है। रांका शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे सीतापुरा के राजकीय प्राथमिक स्कूल रामपुरा कंवरपुरा का निरीक्षण करने पहुंचे थे। आरोप है कि इसी दौरान ग्रामीणों ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें मौके से खदेड़ दिया। उनकी गाड़ियों पर भी पथराव किया गया। वहीं, CJP समर्थकों के साथ मौजूद महिलाओं पर गांव की महिलाओं की ओर से मिट्टी फेंकने का आरोप है।
हमले के बाद आशुतोष रांका ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर मारपीट का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि हमले में गाड़ियों के शीशे और मोबाइल फोन तोड़ दिए गए। एक महिला के साथ मारपीट हुई और उसकी शर्ट फाड़ दी गई। CJP की ओर से यह भी दावा किया गया कि टीम के एक सदस्य का हाथ फ्रैक्चर हुआ है। रांका समेत CJP के कई कार्यकर्ताओं को चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए SMS अस्पताल ले जाया गया।
रांका ने घटना के बाद शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह हमला शिक्षा मंत्री के कहने पर किया गया है। रांका ने राजस्थान सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए हमलावरों की गिरफ्तारी और स्कूल निरीक्षण रोकने के आदेश को वापस लेने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो CJP पूरे राजस्थान में आंदोलन करेगी और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग उठाएगी।
CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने भी मामले को लेकर सरकार को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर अगले 48 घंटे में स्कूल की मरम्मत का काम शुरू नहीं हुआ और हमले के आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वह जयपुर आएंगे और स्कूल के सामने बैठकर विरोध करेंगे।
बताया गया है कि विवाद से पहले सुबह करीब 8 बजे CJP के कुछ कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के बीच धक्का-मुक्की हुई थी। इसके बाद ग्रामीणों ने कार्यकर्ताओं को गांव से बाहर निकाल दिया। ग्रामीण CJP के विरोध में सरकारी स्कूल के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने मुख्य रास्ते पर ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी कर रास्ता घेर दिया और वहां से गुजरने वाली गाड़ियों की जांच भी शुरू कर दी।
घटना के बाद CJP की ओर से वाटिका रोड स्थित भट्टा वाला राजकीय सरकारी स्कूल के निरीक्षण का कार्यक्रम भी रद्द कर दिया गया। संगठन का दावा है कि इस पूरे विवाद में आशुतोष रांका समेत पांच कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि सात अन्य को भी चोटें आई हैं।
जर्जर स्कूल में टीनशेड के नीचे पढ़ रहे बच्चे
दरअसल, रामपुरा गांव का सरकारी स्कूल लंबे समय से जर्जर हालत में है। स्कूल की इमारत की स्थिति खराब होने के कारण बच्चों को मुख्य भवन में पढ़ाना बंद कर दिया गया है। स्कूल को करीब 50 मीटर दूर एक बाड़े में शिफ्ट किया गया है, जहां बच्चे टीनशेड के नीचे पढ़ाई कर रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के मुताबिक, बच्चों के पढ़ने की जगह के आसपास पशुओं का चारा भी रखा हुआ है। स्कूल की दीवारों से ईंटें गिर चुकी हैं और भवन की छत को लोहे के एंगल से सहारा दिया गया है। CJP इसी स्कूल की स्थिति का निरीक्षण करने पहुंची थी।
मामले पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने आरोप लगाया कि हमला करने वाले ग्रामीण नहीं, बल्कि बीजेपी कार्यकर्ता थे। वहीं शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि बच्चों की शिक्षा में व्यवधान को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता, इसी वजह से विरोध हुआ।
अब इस मामले में CJP की ओर से दिए गए 48 घंटे के अल्टीमेटम के बाद सरकार क्या कार्रवाई करती है, यह देखने वाली बात होगी। साथ ही पुलिस जांच में यह साफ होगा कि हमले में कौन लोग शामिल थे और स्कूल निरीक्षण को लेकर विवाद किस वजह से इतना बढ़ा।







