
चार नए राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों की प्रगति की मंत्री आशीष पटेल ने की समीक्षा, गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा पर दिया जोर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के प्राविधिक शिक्षा एवं उपभोक्ता मामले मंत्री आशीष पटेल ने मंगलवार को विधानसभा स्थित कार्यालय कक्ष में मिर्जापुर, प्रतापगढ़, बस्ती और गोंडा में नवस्थापित चार राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों की प्रशासनिक परिषद की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उनकी प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में चारों कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र प्रारंभ करने, आधारभूत संरचना विकसित करने तथा गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई।
मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को उच्चस्तरीय तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सरदार वल्लभभाई पटेल राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, बस्ती, मां पाटेश्वरी देवी राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, गोंडा, डॉ. भीमराव आंबेडकर राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, प्रतापगढ़ तथा सम्राट अशोक राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, मिर्जापुर की स्थापना से पूर्वांचल और मध्य उत्तर प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
आशीष पटेल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चारों कॉलेजों का निर्माण निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने भवन, प्रयोगशालाओं, कार्यशालाओं, पुस्तकालय और छात्रावास जैसी सभी सुविधाएं आधुनिक एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने पर जोर दिया।
मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुरूप तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराना है। इसके लिए नए इंजीनियरिंग कॉलेजों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, डेटा साइंस, साइबर सुरक्षा और इंडस्ट्री 4.0 जैसे आधुनिक पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। साथ ही स्थानीय उद्योगों के सहयोग से विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप और प्लेसमेंट की व्यवस्था भी की जाएगी।
उन्होंने कहा कि इन चारों इंजीनियरिंग कॉलेजों के शुरू होने से संबंधित क्षेत्रों के युवाओं को तकनीकी शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे और पलायन में कमी आएगी। सरकार की मंशा है कि तकनीकी शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित न रहे, बल्कि रोजगार और स्वरोजगार से भी सीधे जुड़ सके। इसी उद्देश्य से प्रत्येक कॉलेज में इन्क्यूबेशन सेंटर और स्टार्टअप को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
बैठक में विभाग के प्रमुख सचिव, विशेष सचिव, प्राविधिक शिक्षा निदेशक, चारों जिलों के नोडल अधिकारी तथा प्रशासनिक परिषद के सदस्य उपस्थित रहे।









