
नई दिल्ली: नई दिल्ली में मंगलवार को इंडिया गठबंधन के सांसदों ने संसद भवन से चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च निकालने की कोशिश की। विपक्षी सांसद चुनाव से जुड़े मुद्दों को लेकर चुनाव आयोग तक अपनी बात पहुंचाना चाहते थे। हालांकि, पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग लगाकर मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद संसद भवन के बाहर राजनीतिक माहौल गरमा गया।
पुलिस की ओर से मार्च रोके जाने के बाद कांग्रेस और विपक्षी दलों के कई सांसद बैरिकेडिंग के पास ही बैठ गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी भी मौके पर मौजूद रहे। दोनों नेता बैरिकेडिंग के पास धरने पर बैठ गए।
बैरिकेडिंग के बाद शुरू हुआ विरोध
इंडिया गठबंधन के सांसद संसद भवन से एक साथ निकले थे। उनका उद्देश्य चुनाव आयोग के कार्यालय तक पहुंचकर अपनी मांगें और शिकायतें रखना था। मार्च आगे बढ़ रहा था, लेकिन पुलिस ने कुछ दूरी पर बैरिकेड लगा दिए। पुलिस ने विपक्षी सांसदों को आगे जाने की अनुमति नहीं दी।
मार्च रोके जाने के बाद विपक्षी सांसदों ने वहीं नारेबाजी और विरोध शुरू कर दिया। सांसदों का कहना था कि उन्हें अपनी बात चुनाव आयोग तक पहुंचाने का अधिकार मिलना चाहिए। दूसरी ओर, पुलिस ने सुरक्षा और व्यवस्था का हवाला देते हुए मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया।
इस दौरान संसद भवन के आसपास बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे। बैरिकेडिंग के कारण सांसदों और पुलिस के बीच काफी देर तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।
बैरिकेड पर चढ़े राहुल गांधी
विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने बैरिकेडिंग पर चढ़कर तिरंगा लहराया। उनका यह दृश्य मौके पर मौजूद लोगों और मीडिया के बीच चर्चा का विषय बन गया। राहुल गांधी के बैरिकेड पर चढ़ने के बाद विपक्षी सांसदों ने भी अपना विरोध जारी रखा।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी बैरिकेडिंग के पास बैठकर प्रदर्शन में शामिल रहे। विपक्षी नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि चुनाव से जुड़े कुछ मामलों में पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। इसी मुद्दे को लेकर विपक्षी दल चुनाव आयोग तक मार्च करना चाहते थे।
विपक्ष ने दिखाई एकजुटता
इस मार्च में इंडिया गठबंधन के कई दलों के सांसद शामिल हुए। विपक्षी सांसदों ने एकजुट होकर अपनी मांगें उठाईं। उनका कहना था कि लोकतंत्र में चुनाव प्रक्रिया पर जनता का भरोसा सबसे जरूरी है और इससे जुड़े सवालों का समाधान होना चाहिए।
मार्च के दौरान विपक्षी सांसदों ने सरकार और चुनाव व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठाई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात चुनाव आयोग तक पहुंचाना चाहते थे।
वहीं, पुलिस ने मार्च को संसद भवन परिसर से आगे बढ़ने से रोक दिया। बैरिकेडिंग के बाद प्रदर्शनकारी सांसद वहीं बैठ गए। इससे कुछ समय के लिए संसद भवन के आसपास राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं।
चुनाव आयोग तक नहीं पहुंच सका मार्च
पुलिस की बैरिकेडिंग के कारण इंडिया गठबंधन का मार्च चुनाव आयोग के कार्यालय तक नहीं पहुंच सका। विपक्षी नेताओं ने बैरिकेडिंग के पास ही अपना विरोध जारी रखा। इस दौरान राहुल गांधी के तिरंगा लहराने का वीडियो और तस्वीरें भी सामने आईं, जिनकी चर्चा राजनीतिक गलियारों में होती रही।
विपक्षी दलों का कहना है कि चुनाव से जुड़े मुद्दों पर आयोग को उनकी बात सुननी चाहिए। उनका दावा है कि वे किसी तरह का कानून-व्यवस्था का संकट पैदा नहीं करना चाहते, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी शिकायतें दर्ज कराना चाहते हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर सरकार और विपक्ष के बीच चुनाव से जुड़े मुद्दों पर जारी राजनीतिक टकराव को सामने ला दिया है। संसद से चुनाव आयोग तक प्रस्तावित मार्च भले ही आगे नहीं बढ़ सका, लेकिन बैरिकेडिंग के पास विपक्ष का विरोध काफी देर तक जारी रहा।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के धरने और राहुल गांधी के बैरिकेड पर चढ़कर तिरंगा लहराने के बाद यह प्रदर्शन राजनीतिक रूप से और ज्यादा चर्चा में आ गया। अब विपक्ष की ओर से उठाए गए मुद्दों और चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया पर सभी की नजर बनी हुई है।








