
नई दिल्ली। तेलंगाना की राजनीति में कांग्रेस के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे पूर्व सांसद मधु गौड़ यास्की को पार्टी ने ऑल इंडिया प्रोफेशनल्स कांग्रेस का नया चेयरपर्सन नियुक्त किया है। 9 सितंबर 2026 को कांग्रेस की ओर से जारी प्रेस रिलीज में उनकी नियुक्ति की घोषणा की गई। कांग्रेस संगठन में यह जिम्मेदारी मिलने के साथ ही यास्की एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आएंगे।
मधु गौड़ यास्की का राजनीतिक सफर पारंपरिक राजनीति से अलग पृष्ठभूमि से शुरू हुआ। राजनीति में सक्रिय होने से पहले उन्होंने कानून की पढ़ाई की और अमेरिका में वकील के तौर पर काम किया। विदेश में पेशेवर जीवन बिताने के बाद वे भारत लौटे और कांग्रेस के माध्यम से सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने पार्टी संगठन में कई जिम्मेदारियां संभालीं और धीरे-धीरे राष्ट्रीय राजनीति में अपनी पहचान बनाई।
यास्की को सबसे बड़ी राजनीतिक सफलता निजामाबाद लोकसभा सीट से मिली। उन्होंने 2004 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज की और संसद पहुंचे। इसके बाद 2009 के आम चुनाव में भी उन्होंने निजामाबाद से जीत हासिल कर अपना संसदीय सफर जारी रखा। लगातार दो लोकसभा चुनाव जीतने के कारण तेलंगाना में कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में उनका कद बढ़ा।
हालांकि 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। निजामाबाद सीट पर के. कविता ने उन्हें चुनाव में पराजित किया। इसके बावजूद यास्की का कांग्रेस संगठन से जुड़ाव बना रहा और वे पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय रहे।
तेलंगाना में कांग्रेस की राजनीति में उनकी संगठनात्मक भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है। 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी ने उन्हें चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष बनाया था। इस जिम्मेदारी के जरिए उन्होंने चुनावी रणनीति और पार्टी के अभियान से जुड़े कार्यों में भूमिका निभाई। उस समय कांग्रेस राज्य में सत्ता हासिल करने के लिए जोरदार अभियान चला रही थी।
अब राष्ट्रीय स्तर पर उन्हें ऑल इंडिया प्रोफेशनल्स कांग्रेस की जिम्मेदारी दी गई है। यह संगठन कांग्रेस और देश के प्रोफेशनल्स एवं विशेषज्ञ वर्ग के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम है। तकनीक, कानून, शिक्षा, स्वास्थ्य, कारोबार, वित्त और अन्य पेशेवर क्षेत्रों से जुड़े लोगों को राजनीतिक और नीतिगत विमर्श से जोड़ना इसके प्रमुख उद्देश्यों में शामिल रहा है।
यास्की के सामने इस संगठन को आगे बढ़ाने की बड़ी चुनौती होगी। देश की राजनीति में प्रोफेशनल वर्ग की भागीदारी लगातार बढ़ी है और नीतिगत मुद्दों पर विशेषज्ञों की राय भी महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में कांग्रेस की कोशिश इस वर्ग के साथ अपने संपर्क को और मजबूत करने की हो सकती है।
पार्टी ने यास्की को जिम्मेदारी सौंपने के साथ निवर्तमान चेयरपर्सन प्रवीण चक्रवर्ती के योगदान की भी सराहना की है। कांग्रेस ने उनके कार्यकाल में संगठन के लिए किए गए काम को महत्वपूर्ण बताते हुए आभार जताया है। नेतृत्व परिवर्तन के बाद अब यास्की से संगठन को नई दिशा देने की उम्मीद होगी।
यास्की की नियुक्ति कांग्रेस की उस रणनीति का हिस्सा भी मानी जा सकती है, जिसमें पार्टी अनुभवी नेताओं को संगठनात्मक जिम्मेदारियां देकर विभिन्न वर्गों के बीच अपनी पहुंच मजबूत करना चाहती है। राष्ट्रीय राजनीति का अनुभव, दो बार लोकसभा सांसद रहने की पृष्ठभूमि और संगठन में काम करने का अनुभव उनके लिए इस नई भूमिका में उपयोगी साबित हो सकता है।
कांग्रेस इन दिनों कई राज्यों में संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने पर जोर दे रही है। कर्नाटक में जिला कांग्रेस समितियों के अध्यक्षों के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर संगठन को सक्रिय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे माहौल में राष्ट्रीय स्तर पर ऑल इंडिया प्रोफेशनल्स कांग्रेस की कमान यास्की को सौंपना पार्टी की संगठन विस्तार की रणनीति का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है।
अब नजर इस बात पर होगी कि यास्की अपनी नई जिम्मेदारी के तहत प्रोफेशनल्स और विशेषज्ञ समुदाय को कांग्रेस के साथ किस तरह जोड़ते हैं और संगठन को राष्ट्रीय स्तर पर कितना प्रभावी बना पाते हैं।






