
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) कार्यकर्ता नीशू आजाद के पिता संजय कुमार के साथ 23 जून को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुई कथित मारपीट के मामले में शुक्रवार को CJP कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ तत्काल कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की। करीब तीन घंटे तक पुलिस और CJP प्रतिनिधियों के बीच बैठक चली। बैठक के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि आरोपी के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी और 72 घंटे के भीतर गिरफ्तारी की जाएगी।
CJP कार्यकर्ताओं का आरोप है कि 23 जून को जंतर-मंतर पर पार्टी के प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार के साथ मारपीट की गई थी। इस घटना में उनके सिर में चोट आई थी। संजय कुमार की शिकायत पर पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में मामला दर्ज किया गया था। उनकी बेटी और CJP कार्यकर्ता नीशू आजाद लगातार आरोप लगाती रही हैं कि घटना के डेढ़ महीने बाद भी पुलिस ने अपेक्षित कार्रवाई नहीं की।
नीशू आजाद का दावा है कि उनके पिता के सिर पर गंभीर चोट लगी थी। उनका आरोप है कि घटना के बाद आरोपी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई नहीं होने से उन्हें और उनके परिवार को लगातार परेशानी और डर का सामना करना पड़ रहा है। इसी मांग को लेकर शुक्रवार को CJP कार्यकर्ता थाने पहुंचे और पुलिस से आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की।
मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब स्वतंत्र भारद्वाज का एक पॉडकास्ट वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में भारद्वाज संजय कुमार के सिर पर हमला करने की बात स्वीकार करते नजर आए। हालांकि, उन्होंने इसे हमला नहीं बल्कि आत्मरक्षा यानी सेल्फ डिफेंस बताया। उनका कहना था कि उन्हें 10-15 लोगों ने घेर लिया था और यदि वह खुद को बचाने के लिए कार्रवाई नहीं करते तो भीड़ उन्हें मार सकती थी।
वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP नेता सौरव दास ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि जब आरोपी खुद संजय कुमार पर हमला करने की बात स्वीकार करता नजर आ रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई में देरी क्यों की जा रही है। CJP की ओर से पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई।
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने मामले को लेकर अलग पक्ष रखा है। पुलिस के अनुसार, 23 जून को संजय कुमार के सिर पर कड़ा या ब्रेसलेट लगने से चोट आई थी। घटना के बाद उन्हें राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया। पुलिस के मुताबिक मेडिको-लीगल केस में चोट को साधारण बताया गया था।
पुलिस ने संजय कुमार के सिर में खोपड़ी फटने या फ्रैक्चर होने के दावे को भी गलत बताया है। पुलिस के मुताबिक घटना के बाद सूरज कुमार, उम्र 24 वर्ष, और स्वतंत्र भारद्वाज, उम्र 21 वर्ष, को मौके से हिरासत में लिया गया था। जांच के दौरान दोनों से पूछताछ की गई और उन्हें नोटिस दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले में कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है और जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
वहीं, संजय कुमार ने वायरल वीडियो को लेकर कहा कि वीडियो की आधी सच्चाई सामने आई है। उनका कहना है कि उन्होंने केवल इतना कहा था कि यदि स्वतंत्र भारद्वाज को उनसे लड़ना है तो वह सामने आकर लड़ें। संजय के मुताबिक उन्होंने किसी पर हमला नहीं किया था और अचानक उन पर हमला किया गया।
नीशू आजाद ने यह भी आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर उन्हें गालियां और धमकियां दी गईं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में शिकायत दर्ज कर FIR भी कराई गई है। उनका दावा है कि सोशल मीडिया पर लगातार मिल रही धमकियों के कारण वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हुईं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें रेप की धमकियां तक दी गईं, जिन पर कार्रवाई की मांग की गई है।
नीशू ने कहा कि उन्हें और उनके परिवार को सुरक्षा की जरूरत है। उनका कहना है कि उन्हें आशंका है कि कभी भी और कहीं भी उन पर हमला किया जा सकता है। CJP ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी मांग की है।
अब पुलिस की ओर से दिए गए 72 घंटे के आश्वासन के बाद इस मामले में आरोपी की गिरफ्तारी और आगे की कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजर है।






