
नई दिल्ली, 4 सितंबर। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में शुक्रवार दोपहर बाद हुई तेज बारिश ने एक बार फिर जलभराव की समस्या को उजागर कर दिया। लगातार बारिश के चलते इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बाहर पानी भर गया। हालात ऐसे बने कि एयरपोर्ट के आगमन क्षेत्र के एक हिस्से को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा। बाहर निकलने वाले यात्रियों को भी जलभराव के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
शुक्रवार सुबह से ही दिल्ली-एनसीआर के आसमान में काले बादल छाए हुए थे। दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली और कई इलाकों में तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के साथ कई जगहों पर सड़कों और निचले इलाकों में पानी भर गया। एयरपोर्ट के आसपास भी जलभराव की स्थिति पैदा हो गई, जिससे यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गईं।
एयरपोर्ट पहुंचे यात्रियों और वहां काम करने वाले लोगों ने कहा कि लंबे समय बाद इस तरह के हालात देखने को मिल रहे हैं। बारिश के कारण यात्रियों को एयरपोर्ट से बाहर निकलने और वाहनों तक पहुंचने में परेशानी हुई। जलभराव के कारण यातायात भी प्रभावित हुआ।
मौसम विभाग का येलो अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने दिल्ली-एनसीआर में गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार और शनिवार को आम तौर पर बादल छाए रहने और मध्यम बारिश होने की संभावना है।
बारिश के बाद दिल्ली के कई हिस्सों में जलभराव की शिकायत सामने आई। सुब्रतो पार्क के आसपास भी सड़क पर पानी जमा हो गया। कई जगहों पर पैदल चलने वालों को सड़क पार करने में मुश्किल हुई। बारिश तेज होने के साथ जलभराव की स्थिति और बिगड़ती नजर आई।
दिल्ली के नर्मदा अपार्टमेंट में भी भारी जलभराव देखने को मिला। पानी जमा होने के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। स्थानीय लोगों को रोजमर्रा के काम के लिए निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ा। कई सड़कों पर वाहन धीमी गति से चलते नजर आए।
गुरुग्राम में भी बारिश से आफत
दिल्ली से सटे गुरुग्राम में भी शुक्रवार को झमाझम बारिश हुई। सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए थे और बाद में तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के बाद शहर के कई निचले इलाकों में पानी भर गया।
गुरुग्राम में जलभराव की समस्या नई नहीं है। तेज बारिश के साथ शहर की कई सड़कों पर पानी जमा होने से यातायात प्रभावित हुआ। जगह-जगह बने गड्ढों और जलभराव ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी। दोपहिया वाहन चालकों के साथ पैदल राहगीरों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
जलभराव को लेकर प्रशासन की तैयारियों पर भी सवाल उठने लगे हैं। जिला प्रशासन की ओर से पहले बैठकों में जलभराव रोकने के लिए इंतजाम किए जाने के दावे किए गए थे, लेकिन बारिश के बाद कई इलाकों में पानी जमा होने से इन दावों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
गुरुवार को भी हुई थी बारिश
दिल्ली में शुक्रवार से एक दिन पहले गुरुवार, 3 सितंबर को भी कुछ इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई थी। इस दौरान राष्ट्रीय राजधानी का अधिकतम तापमान 34.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.8 डिग्री अधिक था।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार सुबह 8.30 बजे तक पिछले 24 घंटों में आयानगर में सबसे अधिक 3.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। इसके बाद पालम में 3.1 मिलीमीटर और लोधी रोड पर 0.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं सफदरजंग और रिज में बारिश दर्ज नहीं की गई।
गुरुवार सुबह 8.30 बजे से शाम 5.30 बजे के बीच भी सफदरजंग, लोधी रोड, रिज और आयानगर में बारिश दर्ज नहीं हुई। पालम में केवल बहुत मामूली बारिश रिकॉर्ड की गई। इस दौरान सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.4 डिग्री अधिक था।
अगले दो दिन भी बारिश का अनुमान
मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार और शुक्रवार को भारी बारिश की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया था। आईएमडी ने शुक्रवार और शनिवार को बादल छाए रहने के साथ मध्यम बारिश का अनुमान जताया है। साथ ही दोनों दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
शुक्रवार की बारिश के बाद दिल्ली और गुरुग्राम में जिस तरह जलभराव की स्थिति बनी है, उससे साफ है कि आने वाले घंटों में प्रशासन और यातायात एजेंसियों के सामने चुनौती बनी रह सकती है। बारिश जारी रहने की स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव और बढ़ने की आशंका है।






