
मथुरा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा में 1,051 करोड़ रुपये की लागत से 229 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विकास के साथ-साथ प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और सनातन परंपरा को लेकर बड़ा सियासी संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक विकास को केवल बिजली और पानी के चश्मे से देखने की कोशिश की गई, जबकि विकास के नाम पर हमारी विरासत का भी अपमान किया गया।
सीएम योगी ने कहा कि भारत ने लंबे समय तक विदेशी आक्रमणों का सामना किया है। विदेशी आक्रांताओं ने देश की सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को नष्ट करने का प्रयास किया, लेकिन वे भारत की स्मृतियों और सनातन परंपरा को समाप्त नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने भी इस सीमा को पार करने का प्रयास किया, लेकिन भारतीय संस्कृति की निरंतरता बनी रही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी प्रदेश या देश की पहचान केवल उसके विकास कार्यों से नहीं होती, बल्कि उसकी स्मृतियों, संस्कृति, इतिहास और जड़ों से भी होती है। उन्होंने कहा कि भारत के इतिहास को समझने के लिए सनातन परंपरा की निरंतरता को समझना जरूरी है। अनेक विदेशी आक्रमणों के बावजूद भारत की सांस्कृतिक चेतना और परंपराएं आज भी जीवित हैं। यही सनातन की शक्ति और ब्रज की पहचान है।
काशी-अयोध्या का दिया उदाहरण
योगी आदित्यनाथ ने काशी और अयोध्या का उदाहरण देते हुए कहा कि काशी में मंदिर को औरंगजेब के शासनकाल में नुकसान पहुंचाया गया, लेकिन वहां की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा समाप्त नहीं हुई। आज काशी विश्वनाथ धाम भव्यता के साथ देश-दुनिया के सामने मौजूद है।
उन्होंने अयोध्या का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां भी लंबे समय तक मंदिर से जुड़ा विवाद रहा, लेकिन सनातन की भावना और आस्था निरंतर आगे बढ़ती रही। आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत को समझने के लिए उन संतों और क्रांतिकारियों के जीवन और योगदान को पढ़ना चाहिए, जिन्होंने देश की परंपरा और सांस्कृतिक चेतना को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
‘2017 से पहले उत्सवों की कल्पना मुश्किल थी’
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर भी विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में अराजकता और उपद्रव का ऐसा माहौल था कि उत्सवों की कल्पना करना भी मुश्किल था। उन्होंने दावा किया कि आज उत्तर प्रदेश कर्फ्यू मुक्त है और पिछले साढ़े नौ वर्षों से प्रदेश दंगा और कर्फ्यू से मुक्त रहा है।
योगी ने कहा कि पहले मेरठ और लखनऊ जैसे शहरों में दंगे होते थे, लेकिन आज परिस्थितियां बदल चुकी हैं। उन्होंने कांवड़ यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि इस वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु कांवड़ यात्रा में शामिल हुए और करीब पांच करोड़ लोगों ने यात्रा की। उनके मुताबिक, अब प्रदेश में उत्सवों का आयोजन ही उसकी पहचान बन चुका है।
‘यही वास्तविक परिवर्तन है’
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2016 में मथुरा के जवाहरबाग में हुई हिंसा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस घटना में 29 लोगों की मौत हुई थी। सीएम योगी ने कहा कि उस दौर और आज के उत्तर प्रदेश के बीच बड़ा अंतर है। उनके मुताबिक, आज प्रदेश में कानून-व्यवस्था बेहतर हुई है और लोग बिना भय के अपने धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव मना रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास केवल सड़क, बिजली और पानी तक सीमित नहीं है। विकास के साथ अपनी विरासत, संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज अपनी सांस्कृतिक पहचान के साथ विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि उत्सवों का निर्भय होकर आयोजन और अपनी विरासत पर गर्व करना ही प्रदेश में आए बदलाव की पहचान है।







