
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचने की अपील की है। पीएम ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर जारी वीडियो संदेश में कहा कि अगर सोने की जरूरत न हो तो इसे नहीं खरीदना चाहिए। प्रधानमंत्री की इस अपील का संबंध सिर्फ लोगों की व्यक्तिगत बचत से नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था, विदेशी मुद्रा भंडार, डॉलर की मांग और रुपये की मजबूती से भी है।
भारत सोने की खपत करने वाले दुनिया के प्रमुख देशों में शामिल है। देश में इस्तेमाल होने वाले करीब 99 प्रतिशत सोने का आयात विदेशों से किया जाता है। इसका अर्थ है कि सोने की घरेलू मांग को पूरा करने के लिए भारत को बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ती है। वर्ष 2025-26 में सोने के आयात का बिल करीब 6.4 लाख करोड़ रुपये रहा।
विदेशों से सोना खरीदने के लिए भारत को आम तौर पर डॉलर में भुगतान करना पड़ता है। ऐसे में जब सोने का आयात बढ़ता है तो डॉलर की मांग भी बढ़ जाती है। डॉलर की मांग बढ़ने से विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये पर दबाव पड़ सकता है। इसके उलट, यदि गैर-जरूरी सोने का आयात कम होता है तो विदेशी मुद्रा की बचत होती है और डॉलर की मांग में कमी आ सकती है। इससे रुपये को मजबूती मिलने में मदद मिल सकती है।
रुपये की मजबूती का असर देश की महंगाई पर भी पड़ता है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल और अन्य जरूरी वस्तुओं के आयात से पूरा करता है। इन वस्तुओं का भुगतान अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर में किया जाता है। यदि रुपया मजबूत होता है तो आयात के लिए कम रुपये खर्च करने पड़ते हैं। इससे आयात लागत घट सकती है और महंगाई को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।
दिलचस्प बात यह है कि वर्ष 2025-26 में भारत ने पिछले कारोबारी वर्ष की तुलना में करीब 4.76 प्रतिशत कम सोना खरीदा, लेकिन सोने के आयात बिल में करीब 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इसकी सबसे बड़ी वजह सोने की कीमतों में तेज वृद्धि रही। यानी भारत ने मात्रा के हिसाब से कम सोना खरीदा, लेकिन कीमत अधिक होने के कारण इसके लिए ज्यादा भुगतान करना पड़ा।
प्रधानमंत्री इससे पहले 10 मई को भी देशवासियों से सोना नहीं खरीदने की अपील कर चुके हैं। मंगलवार को उन्होंने इस अपील को फिर दोहराया। पीएम का कहना है कि अगर सोने की जरूरत नहीं है तो उसकी खरीदारी से बचना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने विदेशों में गैर-जरूरी यात्राओं और विदेश में शादी करने से भी बचने की अपील की।
प्रधानमंत्री ने लोगों से ‘मेक इन इंडिया’ के मंत्र के साथ आगे बढ़ने को कहा। उन्होंने स्वदेशी और आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए कहा कि जितना ज्यादा भारत इन दोनों क्षेत्रों पर ध्यान देगा, देश उतनी ही मजबूती से आगे बढ़ेगा।
सोने में निवेश करने वाले लोगों के लिए फिजिकल गोल्ड के अलावा गोल्ड ETF जैसे विकल्प भी मौजूद हैं। फिजिकल गोल्ड यानी गहने, सिक्के या बार रखने के लिए सुरक्षा और लॉकर की जरूरत पड़ सकती है। इसके विपरीत ETF में सोने को भौतिक रूप से रखने की जरूरत नहीं होती। इससे चोरी का जोखिम और लॉकर से जुड़ा खर्च नहीं रहता। हालांकि, निवेश का विकल्प चुनने से पहले उसके जोखिम, शुल्क और रिटर्न की संभावनाओं को समझना जरूरी है।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में देश की 7.8 प्रतिशत GDP विकास दर का भी जिक्र किया। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए देशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उनकी इच्छाशक्ति, मेहनत और सामूहिक ताकत का परिणाम है। पीएम ने कहा कि तमाम चुनौतियों के बावजूद भारत ने 7.8 प्रतिशत की विकास दर हासिल की है और देश को इस रफ्तार को आगे भी बनाए रखना होगा।
उन्होंने राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा कि देश में कुछ लोग निराशा फैलाने और ‘झूठ की गूंज’ के जरिए माहौल खराब करने में लगे हैं। दूसरी ओर राहुल गांधी लगातार ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रमों के जरिए पेपर लीक, परीक्षा में गड़बड़ी, महंगी शिक्षा और बेरोजगारी जैसे मुद्दे उठा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि जब भारत अपनी आजादी के 100 साल पूरे करेगा, तब देश की युवा पीढ़ी को एक विकसित भारत सौंपा जाएगा। इसके लिए उन्होंने स्वदेशी, आत्मनिर्भरता और आर्थिक विकास को मजबूत करने पर जोर दिया। पीएम का संदेश यही है कि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में सरकार के साथ आम नागरिक की खरीदारी और खर्च से जुड़े फैसले भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।








