
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राजधानी लखनऊ में पार्टी नेता शिवपाल यादव के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रदेश में बड़े स्तर पर साजिश रचे जाने का आरोप लगाते हुए मतदाता सूची और पुलिस व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दे उठाए। अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में दोबारा एसआईआर (SIR) कराने की मांग करते हुए सवाल किया कि एसआईआर के बाद फिर से फॉर्म-7 क्यों लाया जा रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि इसके जरिए बाहरी लोगों को मतदाता बनाने की कोशिश की जा सकती है।
सपा प्रमुख ने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है। उन्होंने सरकार से इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग की। अखिलेश ने कहा कि चुनाव से पहले मतदाता सूची को लेकर उठ रहे सवालों का स्पष्ट जवाब सरकार और निर्वाचन तंत्र को देना चाहिए।
प्रेसवार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने बदायूं में पुलिस कस्टडी में हुई मौत का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में पीडीए समाज के लोगों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। उनका दावा था कि पुलिस व्यवस्था में एक वर्ग विशेष के खिलाफ अत्याचार की शिकायतें सामने आ रही हैं। अखिलेश ने बदायूं में मुख्यमंत्री की बिरादरी के 10 सीओ तैनात होने का आरोप भी लगाया और सरकार से पुलिस प्रशासन में तैनाती को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
उन्होंने प्रदेश में कथित फर्जी एनकाउंटर के मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की बात कही। सपा अध्यक्ष ने कहा कि यदि पुलिस कार्रवाई में नियमों का उल्लंघन हुआ है तो इसकी जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि जेपीएनआईसी का कमीशन नहीं पहुंचा है, इसलिए सरकार बौखलाई हुई है।
प्रेसवार्ता में अखिलेश यादव ने अपने और सपा सांसद डिंपल यादव के फर्जी एआई वीडियो बनाए जाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि तकनीक का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को बदनाम करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। अखिलेश ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार बच्चों जैसा खेल न खेले और बचपना न करे। उन्होंने कहा कि अगर एआई के जरिए उनके और डिंपल यादव के फर्जी वीडियो बनाए जाएंगे तो जवाब में वे भी ऐसे वीडियो बना सकते हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि राजनीति में मुद्दों पर बहस होनी चाहिए, न कि फर्जी सामग्री के जरिए लोगों को गुमराह करने की कोशिश। उन्होंने एआई तकनीक के दुरुपयोग को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगनी चाहिए।
प्रेसवार्ता के अंत में सपा प्रमुख ने अपने अगले राजनीतिक अभियान का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि वह मंगलवार से खुद बूथ स्तर पर चुनाव प्रचार की शुरुआत करेंगे। अखिलेश ने कहा कि वह जनता के बीच जाकर बुनियादी मुद्दों पर बात करेंगे और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने पर जोर देंगे। उन्होंने संकेत दिया कि आगामी चुनाव को लेकर सपा अब जमीनी स्तर पर अपनी सक्रियता और बढ़ाएगी।





