
पूर्ण अस्पतालों का शीघ्र लोकार्पण कर जनसेवा में संचालित करें : दयाशंकर मिश्रा
अस्पतालों में स्वच्छता, स्वस्थ वातावरण और हरियाली पर विशेष ध्यान देने के निर्देश
लखनऊ, 21 अगस्त। आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर मिश्रा ‘दयालु’ ने शुक्रवार को सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में आयुष विभाग के अधिकारियों के साथ विभागीय योजनाओं और व्यवस्थाओं की समीक्षा की। बैठक में आयुष अस्पतालों की स्थिति, निर्माणाधीन एवं पूर्ण हो चुके भवनों, औषधियों की उपलब्धता और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की समीक्षा की गई।
आयुष मंत्री ने निर्देश दिए कि जिन अस्पतालों का निर्माण पूरा हो चुका है, उनकी आवश्यक औपचारिकताएं जल्द पूरी कराकर शीघ्र लोकार्पण कराया जाए और उन्हें जनसेवा के लिए संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण पूरा होने के बाद अस्पतालों को अनावश्यक रूप से बंद रखना उचित नहीं है। संबंधित अधिकारी समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर ऐसे अस्पतालों को जल्द क्रियाशील करें।
उन्होंने अस्पताल भवनों की साफ-सफाई और रखरखाव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। अस्पताल परिसरों में मरीजों के अनुकूल स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करने के साथ उपलब्ध स्थान के अनुसार पौधरोपण कर परिसरों को हरा-भरा और सुंदर बनाने को कहा।
दवाओं की कमी नहीं होनी चाहिए
दयाशंकर मिश्रा ने अस्पतालों में आवश्यक औषधियों की उपलब्धता की भी समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी अस्पताल में जरूरी दवाओं की कमी नहीं होनी चाहिए। दवाओं की मांग, आपूर्ति और वितरण की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि दवाओं की आपूर्ति में लापरवाही या अनावश्यक विलंब करने वाली कंपनियों की सूची तैयार की जाए और निर्धारित समय-सीमा में आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाए। समय पर आपूर्ति नहीं करने वाली कंपनियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
आयुष सेवाओं को और प्रभावी बनाने पर जोर
आयुष मंत्री ने कहा कि आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी चिकित्सा पद्धतियों को अधिक प्रभावी और जनोपयोगी बनाने के लिए विभागीय व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार जरूरी है। अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को विभाग की सभी योजनाओं और परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करने तथा निर्माण, संचालन एवं औषधि आपूर्ति सहित सभी कार्यों में निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रमुख सचिव रंजन कुमार, मदन सिंह गर्ब्याल, आयुर्वेद निदेशक नारायण दास, होम्योपैथी निदेशक प्रमोद कुमार सिंह, यूनानी निदेशक जमाल अख्तर सहित आयुष विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।









