
सरकारी खरीद से जुड़ेंगे एमएसई, दो दिवसीय वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू
लखनऊ, 20 अगस्त। सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (एमएसई) को सरकारी खरीद और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) से जोड़ने के उद्देश्य से गोमतीनगर स्थित पीएचडी हाउस में दो दिवसीय ‘वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम-2026’ का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का आयोजन एमएसएमई-डेवलपमेंट ऑफिस, कानपुर, भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय और पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई), लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इसमें 200 से अधिक उद्यमियों, अधिकारियों और विभिन्न सरकारी व सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के एमएसएमई एवं निर्यात संवर्धन विभाग के सचिव प्रांजल यादव ने कहा कि प्रदेश के औद्योगिक विकास में एमएसएमई की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। प्रदेश के 100 में से 98 से अधिक उद्योग एमएसएमई श्रेणी के हैं, जबकि करीब 90 प्रतिशत इकाइयां माइक्रो श्रेणी की हैं। उन्होंने युवाओं से उद्यमिता की ओर बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार औद्योगिक भूखंड, वित्त, सब्सिडी और प्रोत्साहन जैसी जरूरतों पर विशेष ध्यान दे रही है।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश का निर्यात लगभग दो लाख करोड़ रुपये है। इसमें नोएडा का करीब 98 हजार करोड़ और गाजियाबाद का लगभग 18 हजार करोड़ रुपये का योगदान है। कानपुर, मुरादाबाद, भदोही, उन्नाव, बरेली, आगरा और वाराणसी जैसे औद्योगिक केंद्र भी निर्यात में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं।
GeM और सरकारी खरीद में बड़े अवसर
प्रांजल यादव ने कहा कि वेंडर डेवलपमेंट और सरकारी खरीद एमएसएमई के लिए बड़े अवसर उपलब्ध करा रहे हैं। GeM पर एमएसई की हिस्सेदारी करीब 45 प्रतिशत, यानी लगभग नौ लाख करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि TReDS के माध्यम से एमएसई अपने लंबित भुगतान के आधार पर वित्त प्राप्त कर सकते हैं, जिससे समय पर भुगतान की समस्या कम होगी।
एमएसएमई-डेवलपमेंट ऑफिस, कानपुर के निदेशक वी.के. वर्मा ने बताया कि सरकारी खरीद में एमएसई की भागीदारी बढ़ाने के लिए 25 प्रतिशत खरीद का लक्ष्य निर्धारित है। उन्होंने उद्यमियों से वेंडर रजिस्ट्रेशन और सरकारी खरीद प्रक्रिया को समझकर उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने की अपील की।
GeM के यूपी स्टेट नोडल एवं डिप्टी सीईओ कृष्ण मुरारी ने बताया कि वर्ष 2017 में शुरुआत के बाद GeM के माध्यम से अब तक करीब 20 लाख करोड़ रुपये की खरीद हो चुकी है। इसमें एमएसई की हिस्सेदारी लगभग 45 प्रतिशत है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा भी करीब एक लाख करोड़ रुपये की खरीद की गई है। उन्होंने बताया कि करीब 25 हजार नए वेंडर पंजीकृत हुए हैं।
रेलवे, पावर ग्रिड और HAL में अवसर
RDSO के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर स्टोर्स अक्मल वाडूद ने कहा कि लखनऊ और आसपास का रेलवे क्षेत्र एमएसई के लिए व्यापक अवसर प्रदान करता है। रायबरेली स्थित मॉडर्न कोच फैक्ट्री में करीब 7 से 8 हजार करोड़ रुपये की खरीद होती है। उन्होंने मशीनरी एवं प्लांट इक्विपमेंट क्षेत्र में एमएसई को अवसर तलाशने पर जोर दिया।
पावर ग्रिड के वरिष्ठ महाप्रबंधक गिरीश गुप्ता ने बताया कि ट्रांसमिशन ट्रांसफॉर्मर, रिएक्टर, इंसुलेटर, छोटे उपकरणों के अलावा मैनपावर, हॉर्टिकल्चर, गेस्ट हाउस, फिटिंग और मेंटेनेंस सेवाओं में भी अवसर हैं। उन्होंने बताया कि नॉर्दर्न रीजन में करीब 70 प्रतिशत खरीद एमएसई से की जा रही है और एमएसई से 250 करोड़ रुपये से अधिक की खरीद हुई है।
HAL लखनऊ के डीजीएम आउटसोर्सिंग प्रमोद बरनवाल ने बताया कि लखनऊ में HAL की आउटसोर्सिंग में करीब 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि सक्षम एमएसई के लिए गुणवत्ता और समय पर आपूर्ति सबसे महत्वपूर्ण है।
ALIMCO कानपुर के डीजीएम आलोक ठाकुर ने एमएसई से संस्थान की आवश्यकताओं के अनुरूप उत्पादन क्षमता विकसित करने का आह्वान किया।
गुणवत्ता और आधुनिक पैकेजिंग पर जोर
BIS के जितेंद्र कुमार ने मार्केटिंग, तकनीक और गुणवत्ता पर प्रस्तुति दी तथा उत्पादों में गुणवत्ता एवं मानकीकरण की आवश्यकता बताई। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग, लखनऊ के प्रो. अंशुमान श्रीवास्तव ने कहा कि बेहतर पैकेजिंग उत्पाद की सुरक्षा के साथ उसकी पहचान, प्रस्तुति और बाजार स्वीकार्यता को भी प्रभावित करती है। आधुनिक एवं मानकीकृत पैकेजिंग से एमएसई उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाई जा सकती है।
कार्यक्रम के प्रथम दिन B2B मीट एवं PSU-MSME इंटरैक्शन का आयोजन किया गया, जिसमें HAL, Power Grid, ALIMCO, RDSO, NTPC और GAIL के प्रतिनिधियों ने एमएसई उद्यमियों को खरीद आवश्यकताओं, तकनीकी मानकों, वेंडर पंजीकरण और कारोबारी अवसरों की जानकारी दी।
GeM सेल, उत्तर प्रदेश के अमन सिंह ने GeM पर वेंडर रजिस्ट्रेशन और सरकारी खरीद प्रक्रिया की जानकारी दी। कार्यक्रम में एमएसएमई और प्रमुख पीएसयू द्वारा अपने उत्पाद, सेवाएं एवं तकनीक प्रदर्शित करने के लिए 20 से अधिक स्टॉल लगाए गए। कार्यक्रम के अंत में MSME-DFO कानपुर के सहायक निदेशक नीरज कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया।









