
जापान की तकनीक और यूपी की युवा शक्ति का मिलन औद्योगिक विकास के ऐतिहासिक दौर की शुरुआत : नन्दी
जापान के यामानाशी प्रान्त के गवर्नर और प्रतिनिधिमंडल का किया स्वागत
वैश्विक निवेश के महत्वपूर्ण गंतव्य के रूप में उभर रहा उत्तर प्रदेश
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित उत्तर प्रदेश-जापान निवेश सम्मेलन-2026 में उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’ ने जापान के यामानाशी प्रान्त के गवर्नर कोटारो नागासाकी सहित जापान से आए विभिन्न उद्योग समूहों के प्रतिनिधियों और अधिकारियों का स्वागत किया।
मंत्री नन्दी ने कहा कि भारत और जापान की साझेदारी की दृष्टि से यह यात्रा बेहद महत्वपूर्ण है। दोनों देश आपसी व्यापार और निवेश के संबंधों में एक नया अध्याय लिख रहे हैं। यह साझेदारी दोनों देशों की दीर्घकालीन साझा सांस्कृतिक विरासत और आपसी विश्वास पर आधारित है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भारत-जापान संबंधों को नई मजबूती और समृद्धि मिल रही है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हाल में हुए जापान दौरे के दौरान आपसी साझेदारी, समझ और विश्वास की मजबूत नींव रखी गई थी। अब जापानी प्रतिनिधिमंडल के उत्तर प्रदेश आगमन से इस सहयोग को ठोस, लक्ष्य-केंद्रित और सकारात्मक दिशा मिली है।
यूपी में निवेश की व्यापक संभावनाएं
नन्दी ने कहा कि जापान अपनी आधुनिक तकनीक, परिश्रम और अनुशासन के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। वहीं उत्तर प्रदेश अपनी विशाल युवा आबादी, बड़े उपभोक्ता बाजार और विश्वस्तरीय अवस्थापना सुविधाओं के कारण वैश्विक निवेश के महत्वपूर्ण गंतव्य के रूप में तेजी से उभर रहा है।
उन्होंने कहा कि नया उत्तर प्रदेश आज एक्सप्रेसवे, हाईवे, एयरपोर्ट और वाटरवेज सहित विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर कनेक्टिविटी के साथ मॉडल स्टेट के रूप में स्थापित हो रहा है। जापान के साथ औद्योगिक सहयोग उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा में नई उपलब्धियों को साकार करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
“जापान की तकनीक और उत्तर प्रदेश की युवा शक्ति का एक साथ आना औद्योगिक विकास के ऐतिहासिक दौर की शुरुआत है।” नन्दी ने कहा कि ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, रक्षा उत्पादन, मेडिकल टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में दोनों पक्षों के बीच सहयोग की अपार संभावनाएं हैं।
यामानाशी साझेदारी से बढ़ रहा सहयोग
मंत्री नन्दी ने कहा कि उत्तर प्रदेश-यामानाशी पार्टनरशिप इस दिशा में एक उत्कृष्ट उदाहरण है। संस्थागत समझ के रूप में शुरू हुई यह साझेदारी अब ग्रीन हाइड्रोजन, रिसर्च, स्किल डेवलपमेंट और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में ठोस सहयोग की ओर लगातार आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि छोटे और मध्यम उद्योगों की प्रगति में भारत-जापान सहयोग बेहद प्रभावी साबित हो सकता है। इस साझेदारी का सबसे बड़ा लाभ प्रदेश के युवाओं को मिलेगा। औद्योगिक सहयोग और निवेश बढ़ने से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे तथा उत्तर प्रदेश के युवाओं की प्रतिभा को आगे बढ़ने का बेहतर मंच मिलेगा।
मंत्री नन्दी ने कहा कि उत्तर प्रदेश और जापान की यह साझेदारी केवल निवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि तकनीक, कौशल, रोजगार और सतत विकास के माध्यम से दोनों पक्षों के लिए दीर्घकालिक आर्थिक अवसर तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।









