
यूपीएसआईडीए का बजट दोगुना, औद्योगिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार
नई औद्योगिक क्षेत्रों, बंद उद्योगों के पुनर्जीवन और आधारभूत ढांचे के विस्तार पर बड़े फैसले
लखनऊ, 4 अगस्त। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार औद्योगिक विकास को गति दे रही है। इसी क्रम में सोमवार को लोक भवन में आयोजित उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPSIDA) की 551वीं बोर्ड बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लगभग दोगुना बजट स्वीकृत किया गया। बैठक की अध्यक्षता अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव तथा यूपीएसआईडीए बोर्ड के अध्यक्ष आलोक कुमार ने की।
बैठक में नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास, भूमि अधिग्रहण, बंद औद्योगिक इकाइयों के पुनर्जीवन, निवेश प्रोत्साहन और आधारभूत संरचना विस्तार से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
फतेहपुर और अयोध्या के नए औद्योगिक क्षेत्रों को मंजूरी
बोर्ड ने फतेहपुर स्पिनिंग मिल परिसर, संधिनावा औद्योगिक क्षेत्र तथा अयोध्या के त्रिशुंडी औद्योगिक क्षेत्र के ले-आउट को मंजूरी दी। इससे इन क्षेत्रों में सड़क, बिजली, जलापूर्ति एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास तेज होगा तथा निवेशकों को पारदर्शी और त्वरित भूमि आवंटन उपलब्ध कराया जाएगा।
क्षेत्रीय कार्यालयों को आकस्मिक निधि
यूपीएसआईडीए के क्षेत्रीय कार्यालयों तथा निर्माण एवं विद्युत अनुभागों की आकस्मिक आवश्यकताओं के लिए 10-10 लाख रुपये की आकस्मिक निधि स्वीकृत की गई। इससे औद्योगिक क्षेत्रों में मरम्मत एवं रखरखाव के कार्य समय पर हो सकेंगे।
लीज डीड कराने का अंतिम अवसर
यूपीएसआईडीए की आवासीय योजनाओं के लंबित आवंटियों को विलंब शुल्क के साथ 7 नवंबर 2026 तक लीज डीड निष्पादित कराने का अंतिम अवसर दिया गया है। निर्धारित अवधि के बाद जिन आवंटियों की लीज डीड नहीं होगी, उनके आवंटन निरस्त कर दिए जाएंगे।
बंद उद्योगों के पुनर्जीवन को नई नीति
बोर्ड ने बंद औद्योगिक इकाइयों को दोबारा शुरू करने के लिए नई नीति को भी मंजूरी दी। निर्धारित शर्तों के अनुसार देनदारियों का भुगतान करने वाली इकाइयों को पुनः संचालन का अवसर मिलेगा। इससे वर्षों से बंद औद्योगिक परिसंपत्तियों का उपयोग होगा, नए निवेश आकर्षित होंगे और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
विश्वस्तरीय औद्योगिक आधारभूत ढांचे पर जोर
दोगुने बजट के माध्यम से राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी, ड्रेनेज तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार एवं आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे निवेशकों को विश्वस्तरीय औद्योगिक वातावरण उपलब्ध होगा और उद्योग स्थापना की प्रक्रिया अधिक सरल बनेगी।
यूपी बनेगा देश का औद्योगिक ग्रोथ इंजन
बैठक को संबोधित करते हुए अपर मुख्य सचिव एवं यूपीएसआईडीए बोर्ड अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश देश के औद्योगिक विकास का अग्रणी केंद्र बन रहा है। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 का दोगुना बजट प्रदेश में नए औद्योगिक क्षेत्रों, बड़े औद्योगिक क्लस्टरों और आधुनिक आधारभूत ढांचे के विकास को नई गति देगा। इससे निवेश, विनिर्माण और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा तथा उत्तर प्रदेश ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर होगा।








