
लोकसभा में विदेश राज्य मंत्री का बयान: ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति के तहत डिजिटल भुगतान और क्षेत्रीय सहयोग को मिली नई मजबूती
नई दिल्ली। भारत सरकार अपनी ‘पड़ोसी प्रथम’ (Neighbourhood First) नीति के तहत पड़ोसी देशों के साथ व्यापार, संपर्क, सुरक्षा और आर्थिक सहयोग को लगातार मजबूत कर रही है। लोकसभा में सांसद जोसेफ पुथेनपुरक्कल के प्रश्न के उत्तर में विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने कहा कि भारत ने अपने निकटवर्ती देशों के साथ परिणामोन्मुख और सक्रिय कूटनीतिक रणनीति अपनाई है, जिसका उद्देश्य दक्षिण एशिया में आर्थिक विकास को गति देना और साझा सुरक्षा चुनौतियों का मिलकर सामना करना है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार भारत अब नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका, म्यांमार, भूटान, अफगानिस्तान और मालदीव जैसे पड़ोसी देशों के साथ पारंपरिक सहयोग से आगे बढ़कर डिजिटल और वित्तीय संपर्क को भी नई दिशा दे रहा है। इसके तहत डिजिटल भुगतान प्रणाली को मजबूत करने के लिए विभिन्न समझौते किए जा रहे हैं, जिससे सीमा पार व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियां अधिक सरल और सुगम बन सकें।
सरकार पड़ोसी देशों में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) के विकास, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के उपयोग तथा आधुनिक साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ा रही है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार क्षेत्रीय सहयोग का दायरा केवल परिवहन तक सीमित नहीं है, बल्कि ऊर्जा क्षेत्र में भी बिजली ग्रिड, पेट्रोलियम पाइपलाइन और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। साथ ही जलवायु सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, मानव सुरक्षा और आपदा प्रबंधन जैसे आधुनिक विषयों को भी सहयोग के दायरे में शामिल किया गया है।
सीमा पार व्यापार और आवागमन को सुगम बनाने के लिए इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (ICP) का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। रेलवे संपर्क और अन्य कनेक्टिविटी परियोजनाओं के माध्यम से यात्रियों और माल परिवहन को भी नई गति दी जा रही है।
विदेश मंत्रालय का कहना है कि इन पहलों से न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा और संपर्क व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि भारत दक्षिण एशिया में एक विश्वसनीय और जिम्मेदार रणनीतिक साझेदार के रूप में अपनी भूमिका को और सुदृढ़ करेगा।







