Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

आंदोलन जीता, अब दोषी पुलिसकर्मियों को अदालत तक ले जाएगी CJP

आंदोलन खत्म होने के बाद दिल्ली पुलिस कमिश्नर से मिले सीजेपी नेता Source : Twitter
आंदोलन खत्म होने के बाद दिल्ली पुलिस कमिश्नर से मिले सीजेपी नेता Source : Twitter
[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]
Author Image
Written by
Rishabh Rai

नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर 36 दिनों तक चले आंदोलन के समाप्त होने के बाद भी कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने अपनी कानूनी लड़ाई जारी रखने का ऐलान किया है। शनिवार को पार्टी के नेताओं ने दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार से मुलाकात की। यह बैठक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार द्वारा आंदोलन की प्रमुख मांगें स्वीकार किए जाने के बाद हुई।

बैठक के बाद सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि 20 जुलाई को छात्रों के मार्च के दौरान कथित पुलिस बल प्रयोग के मामले में दोषी पुलिस अधिकारियों और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों के सिर और हाथों में गंभीर चोटें आई थीं और वीडियो व तस्वीरों में कुछ पुलिसकर्मी जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करते दिखाई दिए हैं।

Advertisement Box

सौरव दास ने बताया कि पार्टी ने इस संबंध में एक विशेष वेबसाइट भी शुरू की है, जहां पीड़ित छात्र और प्रत्यक्षदर्शी अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। उनका कहना है कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर अदालत का भी दरवाजा खटखटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाने में विफल अधिकारियों को कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा।

वहीं, सीजेपी नेता आशुतोष रांका ने बैठक को सकारात्मक बताते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस के साथ पूरे घटनाक्रम पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने स्वीकार किया कि 20 जुलाई की घटना दुर्भाग्यपूर्ण थी, लेकिन आंदोलन के दौरान पुलिस की ओर से मिले सहयोग की भी पार्टी सराहना करती है। रांका ने कहा कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने और भविष्य में कोई नया मामला दर्ज नहीं करने का आश्वासन दिया है।

सीजेपी ने 36 दिनों तक चले आंदोलन को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और सरकार द्वारा सभी प्रमुख मांगें स्वीकार किए जाने के बाद समाप्त करने की घोषणा की। पार्टी का दावा है कि सरकार ने आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे वापस लेने, कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने सहित अन्य मांगों पर भी सहमति जताई है। पार्टी नेताओं ने आंदोलन की सफलता का श्रेय देशभर के युवाओं और छात्रों के समर्थन को दिया।

आज का राशिफल

वोट करें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एपल प्रमुख टिम कुक से आईफोन का निर्माण भारत में न करने को कहा है। क्या इसका असर देश के स्मार्टफोन उद्योग पर पड़ सकता है?

और भी पढ़ें

WhatsApp