
संसद तक पहुंचे प्रदर्शन के बाद भी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन थमता नजर नहीं आ रहा है। सोमवार को पुलिस द्वारा जंतर-मंतर खाली कराने के बावजूद प्रदर्शनकारी देर रात फिर वहां पहुंच गए और धरना दोबारा शुरू कर दिया। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और अन्य मांगों को लेकर उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि मंगलवार को फिर संसद मार्च किया जाएगा और मांगें पूरी होने तक प्रदर्शन समाप्त नहीं होगा।
सोमवार को सुबह शुरू हुआ प्रदर्शन शाम तक लगातार चलता रहा। इस दौरान संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने कई जगह बैरिकेडिंग की, जिसके चलते दोनों पक्षों के बीच तीखी झड़प हुई। दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन हिंसक होने पर पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं, जिनमें 90 से 100 पुलिसकर्मी और 50 से अधिक प्रदर्शनकारी घायल हुए। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिस पर हमले के आरोप में करीब 70 लोगों को हिरासत में लिया गया है तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।
आंदोलन के दौरान सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत की भी कोशिश हुई। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने CJP प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर उनकी मांगें सुनीं और कार्रवाई पर विचार का आश्वासन दिया। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने इसे पर्याप्त नहीं माना। इस बीच अभिजीत दीपके और तीन अन्य छात्रों ने 22 दिन बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया, जबकि सोनम वांगचुक ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए अनशन जारी रखने का फैसला किया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति पर रिपोर्ट मांगी है और मामले की सुनवाई मंगलवार को होगी। राजधानी में आज प्रस्तावित संसद मार्च को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और संसद परिसर सहित संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।








