
यूपी ने ऊर्जा क्षेत्र में रचा विकास का नया अध्याय: 9 वर्षों में ऐतिहासिक उपलब्धियां
लखनऊ। उत्तर प्रदेश ने पिछले नौ वर्षों में ऊर्जा क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल करते हुए बिजली व्यवस्था को अधिक मजबूत, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाया है। ऊर्जा विभाग के अनुसार उपभोक्ता सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और प्रदेश में 99.30 प्रतिशत बिजली उपलब्धता सुनिश्चित की जा चुकी है।
ऊर्जा विभाग द्वारा जारी उपलब्धियों के अनुसार प्रदेश में 60,858 सर्किट किलोमीटर नई ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण किया गया है। साथ ही 765 नए विद्युत उपकेंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनकी कुल क्षमता 2,05,632 एमवीए है।
पिछले नौ वर्षों में 765 केवी के 7, 400 केवी के 45, 220 केवी के 173 और 132 केवी के 490 उपकेंद्र स्थापित किए गए। इसके अलावा 2 लाख ट्रांसमिशन टावर और 2,100 ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। ट्रांसमिशन लॉस में 3.2 प्रतिशत की कमी आई है तथा 31,486 मेगावाट की अधिकतम बिजली मांग की सफलतापूर्वक पूर्ति की गई।
प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य) के तहत प्रदेश में 100 प्रतिशत घरों का विद्युतीकरण पूरा किया गया। वहीं आरडीएसएस योजना के अंतर्गत 2,51,487 घरों का विद्युतीकरण किया गया तथा 1,109 विद्युत उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाई गई। निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए 60 नए 33/11 केवी उपकेंद्र स्थापित किए गए और वर्ष 2024-25 में 28 नए 33/11 केवी उपकेंद्रों का निर्माण पूरा किया गया।
कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के तहत वर्ष 2025 तक 2.42 लाख निजी नलकूपों का विद्युतीकरण किया गया। वहीं पीएम-कुसुम योजना के अंतर्गत 96,128 से अधिक किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराए गए। आरडीएसएस योजना के तहत 59.17 लाख उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं।
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए नया बिजली कनेक्शन, ऑनलाइन बिल भुगतान, शिकायत पंजीकरण और समाधान जैसी डिजिटल सेवाओं का विस्तार किया गया है। प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं तथा नवीकरणीय ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन में निवेश को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
राज्य सरकार का लक्ष्य आधुनिक तकनीक, सुदृढ़ विद्युत अवसंरचना और स्वच्छ ऊर्जा के माध्यम से उत्तर प्रदेश को ऊर्जा क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना है। ऊर्जा क्षेत्र में हुए व्यापक सुधारों से औद्योगिक विकास, कृषि विकास, रोजगार सृजन और आम नागरिकों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।









