
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को प्रसारित ‘मन की बात’ के 135वें एपिसोड में राष्ट्रीय सुरक्षा, आत्मनिर्भर भारत, पर्यावरण संरक्षण, खेल, सामाजिक भागीदारी और सांस्कृतिक विरासत जैसे अनेक विषयों पर देशवासियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत आज समुद्र से लेकर आसमान तक सुरक्षित है और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। प्रधानमंत्री ने बताया कि इसी महीने डीआरडीओ ने स्वदेशी लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया है, जबकि ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के तहत निर्मित C-295 सैन्य परिवहन विमान ने अपनी पहली सफल उड़ान पूरी की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में ऐसे 40 विमान भारत में ही बनाए जा रहे हैं, जो देश की रक्षा क्षमता और तकनीकी आत्मनिर्भरता का प्रमाण हैं।
योग की वैश्विक स्वीकार्यता का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस वर्ष विश्व के 2500 से अधिक स्थानों पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम आयोजित किए गए। अहमदाबाद में आयोजित विश्व योगासन चैंपियनशिप में भारत ने 114 पदक, जिनमें 102 स्वर्ण पदक शामिल हैं, जीतकर दुनिया में पहला स्थान हासिल किया। उन्होंने हाल के राष्ट्रीय संकट के दौरान नागरिकों के सहयोग की भी सराहना की और कहा कि उनकी अपील पर कई परिवारों ने विवाह में नया सोना खरीदने के बजाय पुराने आभूषणों को रीसाइकल करने का निर्णय लिया। वहीं अनेक लोगों ने कार पूलिंग को अपनाकर ईंधन की बचत और राष्ट्रीय हित में योगदान दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि संकट की घड़ी में देशवासियों की यही एकजुटता भारत की सबसे बड़ी ताकत है।
हरगिला से रूट ब्रिज तक, ‘मन की बात’ में प्रेरक भारत की झलक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में देश के विभिन्न राज्यों की प्रेरणादायक पहलों का उल्लेख करते हुए समाज और प्रकृति के बीच संतुलन का संदेश दिया। उन्होंने असम के दुर्लभ पक्षी ‘हरगिला’ का जिक्र करते हुए बताया कि कभी जिसे अशुभ मानकर उसके घोंसले तक नष्ट कर दिए जाते थे, आज वही पक्षी संरक्षण का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने जीव-वैज्ञानिक पूर्णिमा देवी बर्मन और हजारों ग्रामीण महिलाओं द्वारा गठित ‘हरगिला आर्मी’ की सराहना करते हुए कहा कि सही जानकारी और जनभागीदारी से वर्षों पुराने अंधविश्वास भी बदले जा सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने मेघालय के जीवित ‘रूट ब्रिज’ को प्रकृति और मानव के अद्भुत सहयोग का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि दशकों की मेहनत से तैयार होने वाले ये पुल समय के साथ और मजबूत होते जाते हैं। भारत ने इन्हें यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन भी किया है। नगालैंड की ‘बेबी फुटबॉल लीग’ और ‘महिला फुटसल लीग’ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ये प्रतियोगिताएं बच्चों और महिलाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित कर रही हैं। महाराष्ट्र के नांदेड़ में एक परिवार द्वारा विवाह समारोह में पूरे गांव के लोगों के लिए दुर्घटना बीमा कराने की पहल को सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। वहीं बिहार के नालंदा विश्वविद्यालय में शास्त्रार्थ की प्राचीन परंपरा को पुनर्जीवित किए जाने की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए संवाद, तर्क और विचारों का सम्मान आवश्यक है। उन्होंने देशवासियों से ऐसी सकारात्मक पहलों से प्रेरणा लेने और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।








