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घरेलू LPG पर बढ़ता घाटा, क्या महंगा होगा गैस सिलेंडर?

59,000 करोड़ के घाटे में गैस कंपनियां
59,000 करोड़ के घाटे में गैस कंपनियां
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Written by
Rishabh Rai

नई दिल्ली। घरेलू एलपीजी सिलेंडर को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) पर घरेलू एलपीजी बेचने का घाटा लगातार बढ़ रहा है। जुलाई 2026 तक घरेलू एलपीजी पर तेल कंपनियों की कुल अंडर-रिकवरी 59,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है। खास बात यह है कि केंद्र सरकार की ओर से करीब 52,000 करोड़ रुपये की मदद दिए जाने के बावजूद कंपनियों का घाटा काफी ऊंचा बना हुआ है। ऐसे में अब सवाल उठने लगा है कि क्या आने वाले समय में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है?

लागत से कम कीमत पर बिक्री

सरकारी तेल कंपनियां घरेलू एलपीजी सिलेंडर को उसकी वास्तविक लागत से कम कीमत पर बेचती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमत बढ़ने पर कंपनियों की खरीद लागत भी बढ़ जाती है। हालांकि, घरेलू उपभोक्ताओं पर इस बढ़ी हुई लागत का पूरा बोझ तुरंत नहीं डाला जाता।

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इसका सीधा असर तेल कंपनियों के वित्तीय घाटे पर पड़ता है। सिलेंडर की लागत और ग्राहकों से मिलने वाली बिक्री कीमत के बीच का अंतर ही अंडर-रिकवरी कहलाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव के साथ यह अंतर भी बढ़ता-घटता रहता है।

सरकार ने दी 52 हजार करोड़ की मदद

घरेलू एलपीजी की बिक्री से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र सरकार तेल कंपनियों को मुआवजा देती रही है। सरकार की ओर से अब तक करीब 52,000 करोड़ रुपये की मदद दिए जाने की जानकारी सामने आई है।

इसमें वित्त वर्ष 2022-23 में OMCs को दिए गए 22,000 करोड़ रुपये शामिल हैं। इसके अलावा वित्त वर्ष 2025-26 और 2026-27 के लिए करीब 30,000 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया है। इसके बावजूद जुलाई 2026 तक घरेलू एलपीजी पर तेल कंपनियों की कुल अंडर-रिकवरी 59,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गई।

जून में 700 रुपये से ज्यादा था अंतर

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, घरेलू एलपीजी पर कंपनियों और वास्तविक लागत के बीच का अंतर जून में 700 रुपये प्रति सिलेंडर से ज्यादा था। जुलाई में यह अंतर घटकर करीब 500 रुपये प्रति सिलेंडर रह गया। वहीं अगस्त में इसमें और कमी आई और यह करीब 188 रुपये प्रति सिलेंडर के आसपास पहुंच गया।

आंकड़ों से साफ है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों में बदलाव का सीधा असर घरेलू एलपीजी की लागत और तेल कंपनियों की अंडर-रिकवरी पर पड़ता है।

क्या महंगा हो सकता है सिलेंडर?

तेल कंपनियों पर बढ़ते घाटे के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या आने वाले दिनों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर महंगा हो सकता है? फिलहाल घरेलू एलपीजी की कीमत बढ़ाने को लेकर कोई नया ऐलान नहीं हुआ है। इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि अगले महीने या निकट भविष्य में सिलेंडर की कीमत निश्चित रूप से बढ़ाई जाएगी।

हालांकि, अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं और तेल कंपनियों की अंडर-रिकवरी लगातार बढ़ती है, तो सरकार के सामने कीमत, सब्सिडी और कंपनियों को मुआवजे के बीच संतुलन बनाने की चुनौती बढ़ सकती है।

फिलहाल उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यही है कि अगस्त में प्रति सिलेंडर लागत और बिक्री कीमत के बीच का अंतर जून और जुलाई की तुलना में काफी कम हुआ है। ऐसे में घरेलू गैस की कीमतों को लेकर किसी भी फैसले पर नजरें सरकार और तेल कंपनियों के अगले कदम पर टिकी रहेंगी।

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