
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार दोपहर हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को शोक में डुबो दिया। कोचिंग सेंटर में लगी आग में अब तक 18 छात्र-छात्राओं की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि कई छात्र गंभीर रूप से झुलस गए हैं। यह हादसा राज्य के हालिया वर्षों की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक माना जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगते ही इमारत में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते धुएं का घना गुबार पूरे भवन में फैल गया, जिससे कई छात्रों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका। जान बचाने के लिए कुछ छात्रों ने बाथरूम में शरण ली, तो कई पहली मंजिल से कूद पड़े। दमकल कर्मियों और सुरक्षाबलों ने इमारत की पिछली दीवार तोड़कर फंसे लोगों को बाहर निकाला। हाइड्रोलिक लिफ्ट और विशेष उपकरणों की मदद से घंटों तक राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया।
घटनास्थल पर मौजूद उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी हादसे की भयावहता देखकर भावुक हो उठे। मीडिया से बातचीत के दौरान उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्होंने कहा कि अधिकांश मृतक छात्र हैं, जो अपने बेहतर भविष्य के सपने लेकर कोचिंग सेंटर पहुंचे थे। उन्होंने घायलों के समुचित इलाज का भरोसा दिलाया और कहा कि बच्चों को बचाना प्रशासन की पहली प्राथमिकता थी।
घायलों को तत्काल केजीएमयू ट्रामा सेंटर और अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत गंभीर बनी हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए अपना अलीगढ़ दौरा रद्द कर लखनऊ लौटने का फैसला किया है। प्रशासन ने हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं, ताकि घटना के कारणों का पता लगाया जा सके और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।






