
गर्मियों में कई लोगों को हाथ-पैर में सूजन की समस्या महसूस होती है, जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। चिकित्सकों के अनुसार, यह ‘हीट एडेमा’ का संकेत हो सकता है। हीट एडेमा एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर गर्मी के प्रभाव से खुद को ठंडा रखने के लिए बदलाव करता है, और इसके कारण पैरों, टखनों या हाथों में हल्की सूजन दिखाई देती है।
हीट एडेमा क्यों होता है?
हीट एडेमा मुख्य रूप से शरीर की थर्मोरेगुलेशन प्रक्रिया का साइड इफेक्ट है। जब बाहरी तापमान बढ़ता है, तो शरीर स्किन के पास मौजूद ब्लड वेसल्स को फैलाता है। इसे वेसोडाइलेशन कहा जाता है। इससे ब्लड फ्लो स्किन की ओर बढ़ता है ताकि गर्मी बाहर निकल सके। लेकिन इस प्रक्रिया के दौरान नसों के अंदर का प्रेशर बदल जाता है, और फ्लूइड की थोड़ी मात्रा सबसे छोटी नसों (कैपिलरी) से बाहर निकलकर आसपास के टिश्यूज में जमा हो जाती है।
गुरुत्वाकर्षण के कारण यह फ्लूइड अक्सर पैरों और टखनों में इकट्ठा हो जाता है। यदि व्यक्ति लंबे समय तक खड़ा या बैठा रहता है, तो ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो जाता है और सूजन बढ़ सकती है।
शरीर के कौन से हिस्से प्रभावित होते हैं?
हीट एडेमा आमतौर पर शरीर के उन हिस्सों में ज्यादा दिखता है जहां फ्लूइड जमा होने की संभावना होती है:
- पैरों और टखनों
- टांगों का निचला हिस्सा (पिंडलियां)
- कभी-कभी हाथ और उंगलियां
कौन लोग अधिक प्रभावित होते हैं?
हीट एडेमा का जोखिम उन लोगों में ज्यादा होता है जो गर्म और उमस भरे माहौल में रहते हैं। लंबे समय तक खड़े रहने, बैठने या पर्याप्त पानी न पीने की आदत रखने वालों में यह समस्या आम हो सकती है।
लक्षण और सावधानियां
हीट एडेमा में आमतौर पर दर्द नहीं होता। केवल पैरों या हाथों में भारीपन या स्किन में खिंचाव महसूस हो सकता है। हालांकि यह आमतौर पर खतरनाक नहीं है, लेकिन बार-बार होना किसी अंदरूनी समस्या का संकेत भी हो सकता है।
कैसे बचें?
- गर्मी में खूब पानी पिएं और हाइड्रेटेड रहें।
- लंबे समय तक एक जगह बैठने या खड़े रहने से बचें।
- पैर ऊपर उठाकर विश्राम करें।
- हल्की एक्सरसाइज या पैदल चलना ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है।
- यदि सूजन लगातार बनी रहे, तो डॉक्टर से परामर्श लें।
हीट एडेमा आमतौर पर सामान्य समस्या है, लेकिन इसे नजरअंदाज करना ठीक नहीं। सही समय पर सावधानी और जीवनशैली में बदलाव इसे नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं।






