
केरलम में राजनीतिक परिदृश्य आज एक नई शुरुआत की ओर बढ़ा है। कांग्रेस नेता वीडी सतीशन ने हाल ही में केरलम के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल अर्लेकर ने सतीशन के बाद उनकी कैबिनेट के 20 अन्य मंत्रियों को भी पद की शपथ दिलाई।
शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की मौजूदगी ने इसे और भी महत्वपूर्ण बना दिया। समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री पी विजयन, बीजेपी नेता राजीव चंद्रशेखर और कांग्रेस शासित राज्यों के अन्य मुख्यमंत्री भी उपस्थित थे। विदेश में होने के कारण सांसद शशि थरूर इस अवसर पर नहीं पहुंच सके।
सतीशन ने समारोह के दौरान कहा कि यह 60 साल बाद केरलम में पहली बार हो रहा है कि पूरी कैबिनेट एक साथ शपथ ले रही है। उनके अनुसार, इससे पहले केवल केरल के तीसरे मुख्यमंत्री आर शंकर ने 1962 में पूरी कैबिनेट के साथ शपथ ली थी, लेकिन 1964 में अविश्वास प्रस्ताव के कारण उनकी सरकार गिर गई थी।
इस बार केरलम की कैबिनेट में 14 नए चेहरे शामिल हैं, जो पहली बार मंत्री पद की शपथ ले रहे हैं। इनमें सीपी जॉन, एन शमसुद्दीन, केएम शाजी, पीके बशीर, वीई अब्दुल गफूर, पीसी विष्णुनाथ, रोजी एम जॉन, बिंदु कृष्णा, टी सिद्दीकी, केए थुलसी और ओजे जनीश जैसे विधायक शामिल हैं। नए मंत्रियों के शामिल होने से कैबिनेट में नई ऊर्जा और नये दृष्टिकोण आने की उम्मीद है।
कांग्रेस ने विधान सभा में स्पीकर और डिप्टी स्पीकर पद भी अपने पास रखे हैं। इस संबंध में तिरुवनचूर राधाकृष्णन को विधानसभा स्पीकर और शनिमोल उस्मान को डिप्टी स्पीकर बनाया गया है।
शपथ ग्रहण के बाद विधानसभा में गतिविधियां लगातार आगे बढ़ेंगी। विधायकों के शपथ ग्रहण के बाद 22 मई को विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव होगा। इसके बाद राज्यपाल का नीतिगत संबोधन 29 मई को निर्धारित है। राज्य का बजट 5 जून तक पेश किए जाने की संभावना है, जो नए मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं और नीतियों का स्पष्ट संकेत देगा।
इस बार की कैबिनेट विस्तार और शपथ ग्रहण समारोह ने यह संदेश दिया है कि केरलम में कांग्रेस सरकार न केवल अनुभवी नेताओं पर भरोसा रखती है, बल्कि नए और युवा चेहरे भी नीति निर्माण और राज्य के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। यह राजनीतिक स्थिरता और नवोन्मेष का एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।






