
भारत अब रक्षा तकनीक के नए दौर में प्रवेश कर चुका है।
देश का पहला एआई आधारित एयरक्राफ्ट ‘काल भैरव’ सिर्फ एक विमान नहीं, बल्कि भविष्य की युद्ध रणनीति का प्रतीक बनने जा रहा है।
भारत की कंपनी FWDA और पुर्तगाल की SKETCHPIXEL मिलकर इस अत्याधुनिक एयरक्राफ्ट का निर्माण करेंगी, जो AI आधारित टारगेटिंग, ऑटोनोमस मिशन और लंबी दूरी की क्षमता से लैस होगा।
3000 KM की रेंज, 30 घंटे तक लगातार उड़ान और दुश्मन पर सटीक वार करने की क्षमता इसे बेहद खास बनाती है।
जहां अमेरिका का MQ-9 Reaper करीब 1000 करोड़ रुपये का माना जाता है, वहीं भारत का ‘काल भैरव’ लगभग 100 करोड़ की लागत में तैयार होगा। यानी कम लागत में बड़ी ताकत।
आज का युद्ध सिर्फ हथियारों से नहीं, बल्कि Artificial Intelligence, Drone Warfare और Autonomous Systems से लड़ा जाएगा और भारत अब इस रेस में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
‘काल भैरव’ यह दिखाता है कि आत्मनिर्भर भारत अब केवल जमीन पर नहीं, बल्कि आसमान में भी नई शक्ति बन रहा है।
ये सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं भारत की भविष्य की सुरक्षा का नया अध्याय है।








