
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में विराजमान रामलला के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है। देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर से आने वाले भक्त भगवान राम के चरणों में श्रद्धा अर्पित कर रहे हैं। इसका सबसे बड़ा प्रमाण मंदिर को मिलने वाला विशाल चढ़ावा है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, रामलला को हर महीने औसतन 5 करोड़ रुपये का चढ़ावा प्राप्त हो रहा है। यही वजह है कि मंदिर ट्रस्ट के विभिन्न बैंक खातों में वर्तमान समय में लगभग 1940 करोड़ रुपये की राशि जमा है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 मंदिर के लिए आर्थिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण रहा। इस अवधि में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को कुल 220.81 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई। इसमें नकद दान, ऑनलाइन योगदान और अन्य माध्यमों से मिली राशि शामिल है। डिजिटल युग में श्रद्धालु बड़ी संख्या में ऑनलाइन माध्यमों से भी अपनी आस्था व्यक्त कर रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, इस दौरान भक्तों ने ऑनलाइन दान के रूप में 8.33 करोड़ रुपये मंदिर को समर्पित किए।
मंदिर परिसर में स्थापित दानपात्र भी श्रद्धालुओं की अटूट भक्ति के साक्षी बन रहे हैं। बीते वित्तीय वर्ष में दानपात्रों से कुल 54.79 करोड़ रुपये की नकदी प्राप्त हुई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर नकद दान के साथ-साथ सोने-चांदी के आभूषण और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं भी अर्पित कर रहे हैं।
राम मंदिर के भव्य निर्माण और उससे जुड़े विकास कार्यों पर भी लगातार खर्च किया जा रहा है। ट्रस्ट के अनुसार, अब तक मंदिर निर्माण, परिसर विकास और अन्य सुविधाओं पर लगभग 1800 करोड़ रुपये की राशि व्यय की जा चुकी है। मंदिर परिसर को विश्वस्तरीय धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कई परियोजनाओं पर कार्य जारी है।
इतनी बड़ी मात्रा में प्राप्त होने वाले दान की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ट्रस्ट ने विशेष व्यवस्था की है। मंदिर में प्रतिदिन दानपात्रों से प्राप्त नकदी और आभूषणों की गणना की जाती है। इसके लिए 40 सदस्यीय विशेष टीम तैनात रहती है। पूरी प्रक्रिया कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में संपन्न होती है, जिससे दान की गिनती और रिकॉर्डिंग पूरी तरह पारदर्शी बनी रहे।
राम मंदिर ट्रस्ट का कहना है कि श्रद्धालुओं द्वारा दिया गया प्रत्येक योगदान मंदिर के विकास, धार्मिक गतिविधियों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने में उपयोग किया जा रहा है। लगातार बढ़ रही यह आस्था न केवल रामलला के प्रति लोगों के विश्वास को दर्शाती है, बल्कि अयोध्या को वैश्विक धार्मिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।







